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Showing posts from December, 2020

जानी को क्यों इतना बदनाम करते हो।

 जाना मोहब्बत तो तुम हज़ारों से शरेआम् करते हो। फिर जानी को क्यों इतना बदनाम करते हो।। तुम्हारे होंठों पे जीकर किसी और का होता है। तुम्हारी बाहों में लिपटा कोई और होता है।। खुआब तो तुम्हारे बस मैं ही देखती हूं, तुम्हारे खयालों में तो कोई और ही होता है।। जाना क्यों मुझसे छिप छिप के किसी और की बाहों में आराम करते हो। मोहब्बत तो तुमसे पूरी हुई नहीं, फिर जानी को क्यों इतना बदनाम करते हो।। हमारा रोना भी जरूरी था, तुम्हारा मुस्कुराना भी जरूरी था। हमारा नाराज होना भी जरूरी था, तुम्हारा मनाना भी जरूरी था। सोचा नहीं कभी हमने कि ये दुनिया क्या सोचेगी तुम्हारे बारे में, लेकिन दुनिया को तुम्हारा मतलबी चेहरा दिखाना भी जरूरी था।। मेरी आंखों में आंखें डाल के मेरे जिस्म का कत्लेआम करते हो। मोहब्बत तो तुमसे एक निभाई नहीं जाती, फिर जानी को क्यों इतना बदनाम करते हो।। नशे कई किस्म के तुम खुलेआम करते हो। फिर जानी को क्यों इतना बदनाम करते हो।। जरा उनको भी तो पता चलना चाहिए जो तुमको शरीफ समझते हैं। उनको भी बताओ कि तुम जिस्म के साथ कौन सा काम करते हो। जानी ही पागल है जो सिर्फ जाना का फिकर करती रहती है। फि...

2020 के 20 सबक, (Report by दैनिक भास्कर)

 खुद को बदलने की ताकत है सबसे बड़ा हथियार... दुनिया में अब से पहले किसी बीमारी का वैक्सीन इतने कम समय में तैयार नहीं हुआ। कोरोना को लेकर सभी देशों और संस्थानों ने जानकारियां साझा कीं, जिससे यह सम्भव हो पाया है।   संकट भरे साल में यूं तो हमने बहुत कुछ देखा और सीखा। लेकिन, इस समय का निचोड़ यानी 2020 के 20 सबसे बड़े सबक आपको बता रहे हैं भास्कर एक्सपर्ट। 1. पहला सुख-निरोगी काया कोरोना ने लोगों को स्वस्थ शरीर का महत्व नए सिरे से सिखा दिया। खुद को सिर्फ स्वस्थ ही नहीं, शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट बनाना लोगों की प्राथमिकता बन गई। जो कसरत या योग को बोझ समझते थे, उन्होंने भी फिटनेस को रूटीन बना लिया। 2. बचत ही पूंजी है मुश्किल आर्थिक दौर ने लोगों को एक बार फिर बचत की अहमियत बता दी। जिन्हें बचत की आदत पहले से थी, उन्हें इस दौर में राहत मिली। जिन्हें यह आदत नहीं थी, उन्हें सीख जरूर मिली। 3. ज्यादा पाओ तो ज्यादा बांटो कोरोनाकाल में दानवीरों की संख्या बढ़ गई। अरबपतियों ने खुलकर रिसर्च और इलाज के लिए फंड दिया। संकट का यह समय आपसी सहयोग का भी श्रेष्ठ काल रहा। 4. जैसा अन्न...वैसा तन-मन...

क़लम और उसकी यारी💙(1st)

  Vala mundeyan ch hoya peya tera fame ve.. Kalla kalla munda yaad kre tera name ve... Teri audio clipan nall kayiya nu pyaar ho gya.. Bas Karde ne Sab teri voice nu blame ve.. Kalam ko apni maine khuda maan rakha hai.. Kitaabon mai unka chehra chhipa rakha hai.. Kehte hain vo hme toh kahaniyon se mohbbat hai.. Bas unhi kahaniyon ko maine unka naam bta rakha hai.. Har baar kahta hoon ye mohbbat ka kissa har baar matt karna.. Dil jitna bhi ro le magar kisi se mohbbat ka ijhaar matt karna.. Ho sake toh mohbbat ek tarfa kar lena.. Magar unko hadd se jyada pyaar matt karna... Ye duniya toh ghul jaati hai mohbbat ke rangon mai.. Magar tute huye dil ko phir se barbaad matt karna.. Ek tarfa mohbbat ko mai kabhi adhuri nhi samjhta.. Jo pyaar manjil se pehle hee hath chod de use mai poori nhi samjhta.. Dil dono ke pasand karte ho ye mai jaroori nhi samjhta.. Kuch chiipa rhe ho apni mohbbat se ye mai koi majboori nhi samjhta.. Pehle kalam or YAARI 💛 ke kisse bhi kitne easy the ... Or aaj un...

क़लम और उसकी यारी💙

 KALAM OR USKI YAARI.. vo mohbbat karte hain kisi or se magar unko aadat meri lag jaayegi.. vo chahtain hai kisi or ko magar padhne ki unko talab meri lag jaayegi.. ye kaise swaalon ka mila hai mujhe jwaaw.. ye hakikat hee hai ya mera koi khuaaw.. ye huyi hakikat toh meri wajeh se unki mohbbat bhikhar jaayegi.. agar huya mera khuaaw toh vo meri kahaniyon mai lipat jaayegi... agar unka shayron ki galiyon mai aana huya hai toh kambhakhat dil tuta huya aaya hoga.. wajeh toh kuch bhi ho sakti hai magar shayron ki galiyon mai vo ishak rutha huya aaya hoga.. aane ko toh insaan yhan bina wajeh ke bhi aa jaata hai.. magar koi rehne aaya hai yhan toh kisi ka sath hathon se chhuta huya aaya hoga.. khoobsurat phool aaya hai mohalle mai ab toh shayron ki gajlain banti chali jaayengi.. kisi ki kalamain ruthi hogi toh vo phool ko dekh kar khud panno par fisalti jaayengi.. koi bina kahaniyon se unki taseveeron ko dekh ke soch rha hoga.. toh koi tasveeeron ko dekh ke unki kahaaniyan panno ko paros...

वो थोड़ी बिगड़ी हुई लड़की और मैं थोड़ा शरीफ सा लड़का हुं।

नमस्कार,  कैसे हैं सब,  आई होप सारे मस्त ही होंगे। आज की कहानी,  है बहुत पुरानी ,   वो थोड़ी बिगड़ी हुई लड़की और मैं थोड़ा शरीफ सा लड़का हूं। वो तो मेरी मोहब्बत है और मैं अभी भी उस मोहब्बत पे अटका हुं। मेरी  नज़रों में थे वो जिनको मैने अपनी कहानियों में उतारा था। हां, जानी वो बिगड़ा हुआ मासूम सा चेहरा सिर्फ तुम्हारा था। बहुत रोका था उनको शायर से मोहब्बत न करने को मगर उनकी जिद्द के आगे तो खुदा भी बेसहारा था। जब ख़ुदा ही कुछ ना कर पाए तो मै भला क्या कर सकता था। मैं तो आज भी उस मोहब्बत और उस जिद्द के बीच में लटका हुं। वो थोड़ी बिगड़ी हुई लड़की और मैं थोड़ा शरीफ सा लड़का हूं। हार गया था दिल वो मोहब्बत के खेल में, फिर भी उस खेल को खेलने की ठान ली। कुछ लोग रोकते रहे उसको मगर उसने शायरी को ही अपनी मोहब्बत मान ली। किसी ने कहा था उसको कि सिर्फ शायरी से मोहब्बत करना शायर से नहीं। मगर कमब्खत दिल ने उसकी सुनी ही नहीं ना चाहते हुए भी शायर को अपनी जिंदगी की डोर बांध दी। याद तो अभी भी उसको किसी और की आती है मगर दिल में उसके अभी भी मैं ही अटका हुं।  वो थोड़ी बिगड़ी हुई लड़...

वो किसी और शायर की दीवानी हो गई।।

  सोचा था लिखूंगा जिसके लिए मोहब्बत का सफ़र, आज लिख बैठा उसकी बेवफाई का असर।। मुझे मेरी ही कलम से नफरत करबा दी उसने, मेरी किताब के पन्नों को आग लगा दी उसने, जो चूमा करती थी मेरी शायरियों को, आज किसी और की शायरी गले लगा ली उसने।। मैं , मेरी मोहब्ब्त, और मेरी कलम उसके लिए बेवफाई की कहानी हो गई। मेरी शायरी उसके लिए थोड़ी पुरानी हो गई, शायद वो इसलिए किसी और शायर की दिवानी हो गई। वो रूठ रही थी मुझसे कोई और उसे मना रहा था। रुला रहा था मैं उसे कोई और उसे हंसा रहा था। मैं अपनी ज़िन्दगी में ढूंढ़ रहा था उसे कोई और उसके साथ जीने मरने की कसमें खा रहा था। मैं अपनी कलम को दिल की बातें बता रहा था कोई और अपनी कलम से उसकी दोस्ती करवा रहा था। मनाते मनाते , हंसाते हंसते वो उसके अल्फाजों की रानी हो गई। मेरी शायरी उसके लिए पुरानी थी, शायद इसलिए वो किसी और की शायरी की दिवानी हो गई। मुझे खुद की मोहब्बत पे शक होने लगा है, दुनिया की इस भीड़ में तुम्हारा साथ ना छूट जाए, मुझसे अच्छा मिल गया तो उसको मेरे बारे में बताना मत, अगर उसने छोड़ दिया तो तुम्हारी ज़िन्दगी से ख़ुदा ना रूठ जाए।। कोई पू...

कमीने दोस्तों की कहानी।

 नमस्कार, शतशिरिआकाल सरेया नूं, किवैं हो जी सारे , आई होपे सब मस्त होंगे। कहानियां में रोज लिखता हुं, कभी अपनों की तो कभी सपनों की। आज की में ये कहानी उनके लिए लिख रहा हूं जो कभी कभी मेरे बाप बन जाते हैं तो कभी कभी दोस्त , कभी कभी तेरी X का स्क्वेयर प्लस Y का क्यूब( x यहां relative है और Y बॉडी पार्ट) ऐसी गालियां देते हैं तो कभी कभी प्यार से समझा जाते हैं। ये कहानी उन यारों की है जो अभी अभी मुझसे मिलने आए थे। मेरे जितने पुराने दर्द थे उनको दूर करने आए थे। सुबह से डरा रहे थे मुझे तू मिला नहीं तो ऐसा कर देंगे बैसा कर देंगे। मेरे लिए वो मुझे डराने आए थे लेकिन वो असल में मुझे खुशीयों से मिलवाने आए थे । आपका सच्चा दोस्त वो नहीं है जो आप उसे बोले और वो वैसा ही करे। असली दोस्त वो है जो कमीने पन की हदे पार करने की बात करे। और तुमसे दूर है तो बातें बना बनाके तुमको डराया करे, और जब सामने आ जाए तो मुस्कुराए और तुम्हे गले से लगाया करे। और तुम्हारे सारे डर और बच्चो जैसे बकचोदियों को दूर भगाया करे। वो असली कमीना दोस्त होता है। आज एक बात समझ आ गई जो दोस्त तुम्हें ये बोले कि ये तू कहानियां ये का...