शायर बिगड़ गया अब कभी नहीं सुधार पाओगे🥃
अगर नशा चड़ गया हमारा तो तुम कभी उतार नहीं पाओगे तुम्हे लगता है मेरी मोहब्बत कमजोर है फिर तुम मेरी मोहब्बत को मार नहीं पाओगे। ख़त तो तुम्हे बहुत लिखे होंगे तुम्हारे अशिकों ने, मगर मेरे लिखे हुए ख़त तुम कभी फाड़ नहीं पाओगे। चलते फिरते आशिक़ तो मेरी जान जैसे तैसे संभल जाते हैं, लेकिन कहीं ये शायर बिगड़ गया तो कभी संभाल नहीं पाओगे। हां ये ज़िन्दगी तुम्हारी है जी लो जैसे तुमको जीना है। हमें तो मोहब्बत में सिर्फ बेवफाई का ज़हर ही तो पीना है। तुम्हे चाहने वाले ने तुम्हारी मोहब्बत पाने के लिए कोई गलत आदत छोड़ी होगी। मेरी जान हमने तो तुम्हारी मोहब्बत में और गलत आदतें लगा ली हमसे कहां आपको इतनी मोहब्बत हुई होगी।l बातें तुम अपने दिल की हमसे छिपाया करती थी। ब्लॉक करके हमें वो बातें किसी और को सुनाया करती थी। भरोसा नहीं था तुम्हे हम पर तुम्हे लगता था कि हम बातों का सिर्फ बतंगड़ बनाते है। इसलिए तुम हमसे आज तक अपनी बातें छिपाती रही। अपने टूट दिल की बातें दिल तोड़ने वाले को बताती रही। किसी से बिना गलती किए भी माफियां मांगी तुमने, लेकिन जब बात मेरे पर आई तो गलत मुझे ठहराती रही। बहुत बार तो समझाय...