बेवजह इश्क़......
ज़िन्दगी में मिले हमें कुछ लोग ऐसे जिन्हे खुद पर कभी ऐतबार ना था।
हम भी इश्क़ उन लोगों से कर बैठे जिन लोगों को हमसे कभी प्यार ना था।
दूर होने पर एहसास होता है गलतियों का बेवजह वो हमें गलत बताया करते थे,
जब बात आती थी उनके दिल की तो वो हर बात दिल की हमसे छुपाया करते थे,
इश्क़ कहते कहते वो शायर की मोहब्बत जो बन गए थे ,
इश्क़ करने के बाद पता चला हमें कि वो तो दिल में किसी और ठहराया करते थे।
खुआव दिखाते थे वो हमें और खुद अपनी आँखों में किसी और को बसाया करते थे।
इश्क़ से बातें और इश्क़ की बातें बड़ी लाजवाब निभाया करते थे,
आँख बंद करके सो जाते थे वो हमारे लिए और हमारे सोने के बाद वो किसी और को सुलाया करते थे।
क्या गज्जब की मोहब्बत निभायी उनके इश्क़ ने ,
जो कभी गया था दिल तोड़ के वो आज भी उसी को अपनी मोहब्बत बताया करते थे।
और उस एक मोहब्बत को पाने के लिए वो कितनो के इश्क़ को रुलाया करते थे।
आज पता चला हमे वो बातें हमसे छिपाके अपने महबूब को दिल की बातें बताया करते थे।
बड़ी गज्जब की मोहब्बत थी उनकी वो झूठा इश्क़ भी दिल से निभाया करते थे।
आज छड़ के आ गया मैं ओहदा शहर करदा वी की ओहना गलियां च हुन मेरा दिल नी लगदा।
किसे होर नाल गल्लां लग पयी करने ओह मेरे नाल गल्लां करने नु हुन ओहदा जी नी करदा।
इक वारी प्यार नाल कह देंदी मैं कदे तेरे नाल दिल लाउना ही नी सी ,
जान जान कह के दिल तोडया तू मेरा बेवफाई तेरे नाल ही रेहनी तैनू मैं हुन कलहि नी छड़दा।
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