ख़ास तो हो ना🖤
जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा था,
वो तुम्हारे साथ तो है ना।
वैसे मैं तो कभी मिला नहीं उस से,
उसमे मेरे से अच्छी कोई बात तो है ना।
वो मेरी तरह रुलाता नहीं होगा तुम्हे,
हां, मना तो जरूर लेता होगा।
और वो मेरी तरह समझाता भी नहीं होगा तुम्हे,
हां , बता तो जरूर देता होगा।
खुश तो तुम्हे रखता ही होगा,
मगर उसे तुम्हारी मोहब्बत का ऐहसास तो है ना।
जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा था,
वो तुम्हारे साथ तो है ना।
वैसे जब वो मिलने आता है तो आंखे छिपाके आता है क्या,
या मेरी तरह पूरा स्कैन करके जाता है।
जब वो साथ होता है तो बोलता जाता है क्या,
या मेरी तरह जी जी करके चुप बैठ जाता है।
मैं तो बहुत दूर हूं तुमसे मिल भी नहीं सकता,
मगर वो तुम्हारे पास तो है ना।
जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा था,
वो तुम्हारे साथ तो है ना।
वैसे मैं तो कभी मिला नहीं उस से,
उसमे मेरे से अच्छी कोई बात तो है ना।
वैसे भी मैं कौन हूं तुम्हारा जो तुम मुझे अपना हाल बताओगी।
हां, था एक ज़माने में खुआव तुम्हारा,
मगर अब तुम कौन सा वापिस मेरे ज़माने में आओगी।
शायद भुला दिया है तुमने अपने जाना ए मोहब्बत को,
तुम तो शायद अब किसी और को अपना हाल सुनाओगी।
ये जो दिल है मेरा ये बस मुझे एक ही बात के लिए सताता है।
जब स्कूटी पर वो तुम्हारे पीछे बैठ ता है,
तो वो चिपक के बैठ ता है क्या,
या मेरी तरह दूर बैठ जाता है।
वो अब मोहब्बत निभाने की बातें तो करता होगा,
वैसे तुम्हारा दिल उसके लिए खास तो है ना।
वैसे मैं तो कभी मिला नहीं उस से,
उसमे मेरे से अच्छी कोई बात तो है ना।
यार तुम्हारी सारी तस्वीरें छुपाके रखी थी मैंने,
भूल गया था किसी के ज्यादा करीब आके उस से दूर भी जाना पड़ता है।
और जब मोहब्बत किसी बेवफ़ा इंसान से हो जाए,
तब ज़िन्दगी से यादों को भी मिटाना पड़ता है।
सब कुछ भूलकर अब कम जीकर करता हूं तुम्हारी मोहब्बत का,
पता नहीं था दिल टूटने के बाद दुनिया को झूठ ही बताना पड़ता है।
तुम्हारे दूर हो जाने के बाद तो मैं अकेला ही रह गया,
मगर तुम्हारे हाथों में उसका हाथ तो है ना।
जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा था,
वो तुम्हारे साथ तो है ना।
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