ये हैं कहानियां कुछ मेरी ज़िन्दगी की (5 th)

नमस्कार , satshiriakaal सरेयान नू।
क्या हाल हैं आपके 
मस्त ही होंगे मेरी तरह।

आज आपके शर्मा जी एक नयी कहानी के साथ आए हैं।
चलो शुरू करते हैं।

15 अगस्त को भारत में इन्टरनेट के 25 साल पूरे हुए।
जब शुरू हुआ 1995 में तब ये 2 जी फिर आया 3 जी और अब चल रहा है 4 जी और बहुत ही जल्दी आने वाला है 5 जी।

लोगों के बहुत से काम आसान हो गए हैं बहुत से फायदे है। आज कल सब जानकारी मिल जाती है कुछ सेकेंड में।
भारत में अब तक 70 करोड से ज्यादा इन्टरनेट यूजर हैं।
देश की टेक्नोलॉजी बढ़ रही है नए नए प्रोजेक्ट नए नए डिजाइन सब इंटरनेट से जुड़े हुए हैं।
ये अच्छी बात है कि हमारा देश नए नए प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहा है।
आज कल एवरेज इंटरनेट स्पीड 812.5 Kbps मिल रही है।मतलब कि जो शुरू में मिलती थी उस से 300 गुना ज्यादा।
भारत में छोटी बड़ी 358 इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी हैं।
जो ब्रॉडबैंड और narrowband इंटरनेट सर्विस देती हैं।
भारत में इन्टरनेट चीजों को और आसान बना रहा है।
लेकिन इन 70 करोड़ में से आधे से ज्यादा यूजर तो ऐसे हैं जो दिन रात लगे रहते हैं मोबाइल फोन में।

मैंने बहुत से लोगों को देखा है लोग घरवालों को काम का बोल के इंटरनेट का मिसयूज कर रहे हैं। 
रात को लेट नाईट तक यूज करते हैं इस से कई लोगों की रिश्ते टूटने तक आ गई।
कुछ लोगों की पत्नियां नहीं यूज करती मोबाइल फोन लेकिन उनके पति दिन रात लगे रहते हैं मोबाइल के अंदर साेशल मीडिया में लगे रहते हैं। जब उनसे कुछ करने को बोलो तो गुस्सा करना गालियां देना ये सब होता है। और आसपास देखना हर जगह ऐसा होता है।
अपने ही घर से शुरू करना भाई बहन से माता पिता से जिनके पापा या मां दोनों में से एक सोशल मीडिया यूज करते हैं।

मना नहीं कर रहा कोई की आप यूज मत करो लेकिन लिमिट में यूज करो । लिमिट से ज्यादा यूज करोगे तो हर चीज हानिकारक होती है।

धीरे धीरे टेक्नोलोजी बढ़ रही है। सारे काम ऑनलाइन हो जाएंगे। और जो हम लोग करते थे वो देखना 10 साल बाद रोबोट आ जाएंगे । फिर रोबोट् को बनाने और फीचर्स डालने के लिए जो इंसान होगा वो भी कुछ ऐसा करेगा कि मेरा जो काम है वो भी रोबोट करे। फिर रोबोट ही रोबोट बनाएगा और रोबोट ही काम करेगा।
इंसान का कोई काम नहीं इस दुनिया में फिर ये रोबोट की दुनिया बन जाएगी ।
इसलिए जो आपको टाइम मिल रहा है उसको अपने परिवार को दीजिए ना की सोशल मीडिया को।
सोशल मीडिया में आपकी एक अलग ही दुनिया चलती है जिसको कहते हैं वर्चुअल ईमेज ।
उस से अच्छा ये हैं कि आप अपनी लाइफ नेचर के साथ जीयें फ़ैमिली के साथ जियें। उनसे पूछो जाके जो अपनी फ़ैमिली को मिलने के लिए तरस रहे हैं। आप तो फिर भी साथ है तो मोबाइल से थोड़ी सी दूरी बनाके अपनों को खुश करके देखो। फिर देखना लाइफ में खुशी क्या होती है।
वो खुशी ज्यादा है जो सोशल मीडिया पर ब्लू टिक लगने पर या लाइक मिलने पर या फॉलोअर बढ़ने पर होती है या वो खुशी ज्यादा है जो अपनो को खुश करके मिलती है। एक बार ट्राई जरूर करना।

मेरे पास एक तरीका है जिस से आप अपने मोबाइल से दूरी बना सकते हैं।

हफ्ते में एक दिन ऐसा रखिए जिस दिन मोबाइल को हाथ भी नहीं लगाना।
सन्डे को सारा दिन फ़ैमिली के साथ बिताएं ।
अगर आप नौकरी पेशा आदमी है तो रात को कम से कम सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल को अपने से दूर रखिए।
कभी भी खाना खाते टाइम मोबाइल को पास मत रखिए ।
चाहे किसी का कॉल आ रहा हो खाना खाते टाइम पिकप मत करिए।
जितना ज्यादा दूर रहोगे उतना ज्यादा पहले से अच्छा महसूस करोगे।
अगर आप स्टुडेंट हैं तो आप पढ़ रहे हैं तो आप सोशल मीडिया की सारी नोटिफिकेशन बंद कर दीजिए।
आज कल लोगो को साउंड कहीं और सुनाई देती है फिर भी अपना मोबाइल चैक करते हैं कि हमारे फोन में आया है।

अपने मोबाइल में स्क्रीन टाइम देखने के लिए आप गूगल प्ले स्टोर से digital well-being नाम का सॉफ्टवेयर डाऊनलोड कर सकते हैं । उसमे आपको अपने मोबाइल का स्क्रीन टाइम सब पता लग जाता है। उस से आप मोबाइल का टाइम भी सेट कर सकते हैं जिस से बो उसी टाइम रनिंग में चलेगा उसके बाद वो खुद बंद हो जाएगा।
और जिस टाइम में आपने ओन करने को रखा होगा उसी टाइम ओन हो जाएगा।
करके देखिए एक बार खुद को सोशल दुनिया से निकाल कर रियल लाइफ जीके तो देखो।

चलो मिलते हैं आज के लिए बस इतना  ही।
कल मिलते हैं नयी  कहानी के साथ।
तब तक खुश रहिए और अपनी फैमिली को टाइम दीजिए । 


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