कमीने दोस्तों की कहानी।
नमस्कार,
शतशिरिआकाल सरेया नूं,
किवैं हो जी सारे , आई होपे सब मस्त होंगे।
कहानियां में रोज लिखता हुं, कभी अपनों की तो कभी सपनों की।
आज की में ये कहानी उनके लिए लिख रहा हूं जो कभी कभी मेरे बाप बन जाते हैं तो कभी कभी दोस्त , कभी कभी तेरी X का स्क्वेयर प्लस Y का क्यूब( x यहां relative है और Y बॉडी पार्ट) ऐसी गालियां देते हैं तो कभी कभी प्यार से समझा जाते हैं।
ये कहानी उन यारों की है जो अभी अभी मुझसे मिलने आए थे।
मेरे जितने पुराने दर्द थे उनको दूर करने आए थे।
सुबह से डरा रहे थे मुझे तू मिला नहीं तो ऐसा कर देंगे बैसा कर देंगे।
मेरे लिए वो मुझे डराने आए थे लेकिन वो असल में मुझे खुशीयों से मिलवाने आए थे ।
आपका सच्चा दोस्त वो नहीं है जो आप उसे बोले और वो वैसा ही करे।
असली दोस्त वो है जो कमीने पन की हदे पार करने की बात करे।
और तुमसे दूर है तो बातें बना बनाके तुमको डराया करे,
और जब सामने आ जाए तो मुस्कुराए और तुम्हे गले से लगाया करे।
और तुम्हारे सारे डर और बच्चो जैसे बकचोदियों को दूर भगाया करे।
वो असली कमीना दोस्त होता है।
आज एक बात समझ आ गई जो दोस्त तुम्हें ये बोले कि ये तू कहानियां ये काम ये नौटंकिया करता है ये सब चुतियापा है।
तो ये मत सोचना कि वो demotivate किया है तुमको ,
वो तुमको मोटिवेट किया है कि तू बस यही कर जो तु दिल से कर रहा है।
पता है कैसे वो जब मना करेगा तुमको लगेगा अंदर से की ये तो मना कर रहा है ना इसको कुछ करके दिखाना है।
तो वो आज कमीने मेरे यार मुझे मोटिवेट करके चले गए।
वो मेरे जिगरी यार आज मुझे एक कहानी और देके चले गए।।
शुक्रिया बहुत बहुत कलुमल और हलकट।।
Abe bhosdike कलुमल nahi कल्लुमल aese likhte hen. 😄😄
ReplyDelete😄😆 🤘
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