वो किसी और शायर की दीवानी हो गई।।

 सोचा था लिखूंगा जिसके लिए मोहब्बत का सफ़र, आज लिख बैठा उसकी बेवफाई का असर।।

मुझे मेरी ही कलम से नफरत करबा दी उसने,
मेरी किताब के पन्नों को आग लगा दी उसने,
जो चूमा करती थी मेरी शायरियों को,
आज किसी और की शायरी गले लगा ली उसने।।
मैं , मेरी मोहब्ब्त, और मेरी कलम उसके लिए बेवफाई की कहानी हो गई।
मेरी शायरी उसके लिए थोड़ी पुरानी हो गई,
शायद वो इसलिए किसी और शायर की दिवानी हो गई।

वो रूठ रही थी मुझसे कोई और उसे मना रहा था।
रुला रहा था मैं उसे कोई और उसे हंसा रहा था।
मैं अपनी ज़िन्दगी में ढूंढ़ रहा था उसे कोई और उसके साथ जीने मरने की कसमें खा रहा था।
मैं अपनी कलम को दिल की बातें बता रहा था कोई और अपनी कलम से उसकी दोस्ती करवा रहा था।
मनाते मनाते , हंसाते हंसते वो उसके अल्फाजों की रानी हो गई।
मेरी शायरी उसके लिए पुरानी थी, शायद इसलिए वो किसी और की शायरी की दिवानी हो गई।

मुझे खुद की मोहब्बत पे शक होने लगा है,
दुनिया की इस भीड़ में तुम्हारा साथ ना छूट जाए,
मुझसे अच्छा मिल गया तो उसको मेरे बारे में बताना मत,
अगर उसने छोड़ दिया तो तुम्हारी ज़िन्दगी से ख़ुदा ना रूठ जाए।।
कोई पूछेगा मुझसे मेरे रूठने की वजह तो भी मैं कोई वजह नहीं दूंगा।
सब माफ़ कर दिया है जानी तुम्हारे लिए,
तुम दिल तोड़ के भी जाओगे तो भी तुम्हे कोई सजा नहीं दूंगा।।
और वैसे भी मेरे लिए तो मोहब्बत एक तरफा है,
मैं अपनी मोहब्बत को कभी दगा नहीं दूंगा।।
मेरी एक तरफा मोहब्बत की फिर से बदनामी हो गई।
मेरी शायरी उसके लिए पुरानी थी, शायद इसलिए वो किसी और की शायरी की दिवानी हो गई।

तेरे ख्यालों को समझना अब छोड़ दिया है मैंने,
तेरी आंखों को पढ़ना भी छोड़ दिया है मैंने,
ये प्यार मोहब्बत में सबसे ज्यादा जरूरी होता है भरोसा,
और आज वो भरोसा भी तुम्हारा तोड़ दिया है मैंने।।

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