वो थोड़ी बिगड़ी हुई लड़की और मैं थोड़ा शरीफ सा लड़का हुं।
नमस्कार,
कैसे हैं सब,
आई होप सारे मस्त ही होंगे।
है बहुत पुरानी ,
वो थोड़ी बिगड़ी हुई लड़की और मैं थोड़ा शरीफ सा लड़का हूं।
वो तो मेरी मोहब्बत है और मैं अभी भी उस मोहब्बत पे अटका हुं।
मेरी नज़रों में थे वो जिनको मैने अपनी कहानियों में उतारा था।
हां, जानी वो बिगड़ा हुआ मासूम सा चेहरा सिर्फ तुम्हारा था।
बहुत रोका था उनको शायर से मोहब्बत न करने को मगर उनकी जिद्द के आगे तो खुदा भी बेसहारा था।
जब ख़ुदा ही कुछ ना कर पाए तो मै भला क्या कर सकता था।
मैं तो आज भी उस मोहब्बत और उस जिद्द के बीच में लटका हुं।
वो थोड़ी बिगड़ी हुई लड़की और मैं थोड़ा शरीफ सा लड़का हूं।
हार गया था दिल वो मोहब्बत के खेल में, फिर भी उस खेल को खेलने की ठान ली।
कुछ लोग रोकते रहे उसको मगर उसने शायरी को ही अपनी मोहब्बत मान ली।
किसी ने कहा था उसको कि सिर्फ शायरी से मोहब्बत करना शायर से नहीं।
मगर कमब्खत दिल ने उसकी सुनी ही नहीं ना चाहते हुए भी शायर को अपनी जिंदगी की डोर बांध दी।
याद तो अभी भी उसको किसी और की आती है मगर दिल में उसके अभी भी मैं ही अटका हुं।
वो थोड़ी बिगड़ी हुई लड़की और मैं थोड़ा शरीफ सा लड़का हूं।
अचानक से एक दिन कुछ हसीन लम्हों कि बरसात हुई।
छोटी ही थी, मगर खूबसूरत सी मुलाकात तो हुई।
जब देखा मैंने पहली बार उनको पलभर के लिए सांसें थोड़ी थम सी गई।
दिल की धड़कने बढ़ रही थी और उनका हाथ पकड़ के धड़कने जम सी गई।
उनकी आंखों से सतरंगी सपनों की बरसात हुई।
छोटी ही थी , मगर ख़ूबसूरत सी मुलाकात तो हुई।
वो तो मेरी मोहब्बत है और मैं अभी भी उस मोहब्बत पे अटका हुं।
वो थोड़ी बिगड़ी हुई लड़की और मैं थोड़ा शरीफ सा लड़का हूं।।
Nyc 👌👌
ReplyDeleteWah wah 🙂🙃🙂
ReplyDelete€__€__£__^__£__.
ReplyDelete😏m bhi Shareef hu thodi
ReplyDeleteबातें भूल गए और हमें भी🤔🤔
ReplyDeleteशरीफ तो हम भी थे मगर आपको तो बिगड़े हुए लोग पसंद आते हैं...