अनजान राह पे अनजान इश्क़ से मुलाकात हो गई💝💞
बहुत मनाए हम अपनी मोहब्बत को मगर वो नहीं माने,
हम अब अपने दिल का इज़हार नहीं करेंगे।
दूर जाना है मोहब्बत को हमसे हम अब उसे इनकार नहीं करेंगे।
जिसको आना हो हमारे पास वो खुद आ जाएगी हम अब किसी का इंतज़ार नहीं करेंगे।
बहुत जख्म दिए मोहब्बत ने हमें अब हम किसी से प्यार नहीं करेंगे।
बस ऐसा समझा रहे थे अपने दिल को तो आंखों में किसी का दीदार हो गया।
उस चश्मे वाली लड़की से हमें प्यार हो गया,
घुंघराले वालों वाली लड़की से हमें प्यार हो गया।
हम बैठे उस पार्क में जहां वो घूम रही थी।
जब जब वो मेरी आंखों में देखे मेरी आंखें उसको चूम रही थी।
मैं अपने दिल को बता रहा कि भाई बस अब शांत रहना,
मगर उसकी धड़कने ये सारी बातें सुन रही थी।
वो घूम घाम के मेरे सामने वाले बेंच पे आके बैठ गई।
इस से पहले कि मैं उसे देखता उसकी आंखें मुझे देखती रह गई।
मैं नज़रें छुपा रहा था ताकि उसे मेरे आंसुओं का पता ना लगे,
मगर वो बिना पलक झपकाए मेरी आंखों में देखती रह गई।
उसकी आंखों में गम मेरे से थोड़ा ज्यादा भरा था।
उसने थोड़ा भी पता नहीं लगने दिया कि जख्म कितना गहरा था।
मैंने थोड़ी सी स्माइल की उसको देख के वो थोड़ी मुस्कुराई।
मैंने मोबाइल निकालने के लिए अपनी जेब में हाथ डाला एक सिगरेट मेरे हाथ में आई।
मैंने नहीं देखा आस पास जल्दी से मैंने वो सिगरेट जलाई।
एक ही कश मारा था मैने अभी इतने मैं सामने से आवाज आई।
उसने पूछा:
सिगरेट सिर्फ शौक के लिए फूंकते हो या फूंकते हो सिर्फ गम में।
मैंने कहा : जिस से भी मोहब्बत करें किसी को नहीं आती ये पसंद, मगर उनको क्या पता कि ये ही तो है जो आग भरती है हम में।
उसने कहा : थोड़े टूटे से लग रहे हो थोड़े गुस्से में लग रहे हो।
कुछ बात हुई है या यूं ही धुएं में जल रहे हो।
मैंने कहा : दिल से मोहब्बत करने वाले अक्सर टूट जाते हैं,
लोगों को तो जिस्मों से मोहब्बत करने वाले ही पसंद आते है।
उसने कहा : बातें इतने प्यार से और लॉजिक के साथ समझाते हो,
शायरी वायरी लिखते भी हो या सिर्फ यूं ही सुनाते हो।
मैंने कहा : बातें अपने दिल की किसी को अब बताई नहीं जाती,
गहराईयां दर्द की अब जताई नहीं जाती,
ये दुनिया बहुत मतलबी है, अब सच्चे दिल से मोहब्बत निभाई नहीं जाती।
उसने कहा: वाह! आप शायर हो तो आंखें पढ़ना तो जानते होंगे,
चेहरे की मासूमियत और होंठों की खामोशियां भी पहचानते होंगे,
ये इश्क अब इश्क़ नहीं रहा ये तो अब खेल बन चुका है,
शायर जी ये सब तो आप भी मानते होंगे।
मैंने कहा: जिनसे मिलता हूं उन सब का चेहरा जानता हूं मैं।
कौन कितनी मोहब्बत कर सकता है उनकी औकात भी पहचानता हुं मैं
आंखें तो मैंने आपकी यहां आने से पहले ही पढ़ ली थी,
इश्क़ में कितना दर्द होता है ये भी जानता हुं मैं।
उसने कहा: आपकी शायरी सुन ने और अपनी मोहब्बत बताने ये लड़की अब यहां कल आएगी।
शायद कल तक किसी की यादें भी मेरे दिल से निकल जाएगी।
अभी तो जा रही हुं शायर जी बिना नाम बताए,
इतना मत सोचना मेरे नाम के बारे में, अपनी ये सिगरेट फेंक दो वरना उंगली जल जाएगी।
उसके जाने के बाद मैंने देखा अपने हाथ को तो उंगली मेरी गरम हो गई।
साला एक ही कश तो लिया था मैंने ये सिगरेट कैसे खत्म हो गई।
कुछ सोच के मैंने नाम उसका VAANI रख दिया वजह उसको फिर कभी कह दूंगा।
वैसे भी कल तो आएगी वो यहां तो सिगरेट के 7 रुपए भी ले ही लूंगा।।
ਕੀ ਤੁਸੀਂ ਜਾਨੀ ਨੂੰ ਭੁੱਲ ਗਏ ਹੋ?
ReplyDeleteਹੁਣ ਤੁਸੀਂ ਵਾਨੀ ਦੇ ਪਿਆਰ ਵਿੱਚ ਹੋ...
जानी तेरे कोल नी, ते हुन तु वानी नु चाऊंदा ए,
तु इश्क़ इ करदा सोहनेया या कुछ होर भी चाऊंदा ए,
ना तेरी जानी ने साथ देना ना किसे वानी ने,
इश्क़ दे चकरं नू छड़ दे यारा हुन खुद क्यों इना तड़फाऊंदा ए।
इतनी अच्छी imagination कर लेते हो लेकिन रहते फिर भी sad ही हो...
गजब के बंदे हो शर्मा जी...
7 rupye le lena yaad se kal..🥃🥃🥃
ReplyDeleteNice name 🙂 vaani
ReplyDeleteWhat a fabulous story bro😂😂😂😂👌👌👌🤘🤘🤘keep it up bro👍
ReplyDeleteShayar ji..
ReplyDelete✍️✍️🔥🔥