बादियों से इश्क़

आये थे जहाँ अपने इश्क़ को भुलाने आज  उन्ही बादियों से हम इश्क़ कर बैठे..
यहाँ दूर दूर तक कोई अपना नहीं दिख रहा ये करोना में हम कौन सा रिस्क ले बैठे..  

जरुरत नहीं थी यूँ चुप चाप अपनों को  अकेला छोड़ के घर से दूर जाने की ,

जिसको मोहब्बत का  पता ही नहीं जरुरत नहीं थी उसको मोहब्बत समझाने की,

वो न निभाती तो चल जाता मगर तुझे तो दिल से निभानी थी ,

क्या जरुरत थी किसी अनजान के लिए उत्तराखण्ड की बादियों में आने की। 

 

उसे बेवफ़ाओं से बहुत  प्यार है जनाब  वो कैसे तेरे इश्क़ को समझ पाएगी,

जो तेरी फीलिंग को किसी और से कम्पेयर करे वो क्यों तेरे लिए किसी को  भुलायेगी,

तूने ही उसे अपनी आदत बनाया था  तभी तो उसने तेरे को इतना तडफाया ,

तु भी  झूठा इश्क़ कर लेता फिर उसकी इतनी औकात नहीं कि वो तेरे को रुलाएगी। 

 

बादियों में तो आ गए मगर इश्क़ के बिना यहाँ सब खंडर लग रहा है,

इस अस्पताल में भीड़ तो बहुत है जनाब फिर भी यहां  सब बंजर लग रहा  है ,

दोस्ती भी छोड़  बैठे और इश्क़ भी छोड़ बैठे ,

किसी के साथ दिल जोड़ कर अपना ही दिल तोड़ बैठे ,

ना जाने क्यों फिर यहां  अकेले बैठे हुए सब जंगल सा लग रहा है। 

बादियों में तो आ गए मगर इश्क़ के बिना यहाँ सब खंडर लग रहा है,

 

आये थे जहाँ अपने इश्क़ को भुलाने आज  उन्ही बादियों से हम इश्क़ कर बैठे..
यहाँ दूर दूर तक कोई अपना नहीं दिख रहा ये करोना में हम कौन सा रिस्क ले बैठे..  

aage bhi jaari rahegi corona test hone ke baad.......

 

 

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