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Showing posts from December, 2021

शायद ! अब तो तु सुधर जाएगा...

नया साल आने वाला है और ये तेरे अंदर नई उम्मीदें जगायेगा। तु कुछ भी आसानी से नहीं भूलता मगर तु इस बार कुछ चीजें भुलायेगा। तूने सपने भी तोड़े कुछ अपने भी छोड़े, तु कभी किसी के लिए नहीं बदला मगर तूने सबके दिल तोड़े। बहुतों को बदलते देखा मैंने मगर तु कभी नहीं बदला मगर शायद तु इस बार बदल जाएगा। ये बातें ना तु जानता है ना तू कभी जान पाएगा। भले ही तु धोखा नहीं देता किसी को मगर तो हर बार धोखा खायेगा। तुझे तो तेरे यार भी छोड़ देंगे ना तुझे कभी किसी का प्यार मिल पाएगा। तु भागा है घर से कहां है क्यूँ है किसी को नहीं पता, तूने दोस्त छोड़े, घर छोड़ा तु खुद को खुद का हाल क्या बताएगा। नया साल आने वाला है इस बार दोस्तों की महफ़िल में शायद तेरा नाम भी आएगा। तेरे आने की किसी को कोई उम्मीद नहीं है मगर हाँ एक खुआव है बस वो टूट जाएगा। कितने सवाल छोड़ के गया है तु और कितने बवाल करबायेगा। सुधर गया है या नहीं किन किन लोगों के जवाब देता जाएगा। जिसके पीछे पागल हुआ है उसको तो कभी कोई फर्क नहीं पढ़ता। भाड़ में जायेगी वो और उसका इश्क़ भी भाड़ में जाएगा। एक इश्क़ ने बर्बाद कर दिया तुझे अब तु कितनों के इश्क़ को रुलाएगा। बहुतों को...

कोई याद नहीं करता🥺.....

मैं वो इंसान हूँ  जिसे अब कोई याद नहीं करता, मतलब के लिए इश्क़ तो सब करते थे मुझसे, मगर उसके जाने के बाद इश्क़ की मुझसे कोई बात नहीं करता। एक सफर से गुजर रहा था मैं जिसे लोग अक्सर तन्हाइयों का सफर कहते हैं। मैं अकेला नहीं था सफर में एक कलम और कुछ पन्ने जो हमेशा मेरे साथ रहते हैं। बैठा था मैं सुकून से एक अपनी अलग ही दुनियां में। उसी अलग दुनियां में मेरी उस से मुलाक़ात हुई थी, उसकी आँखों में बहुत सुकून था यार जब उसकी आँखों से मेरी बात हुई थी। थोड़ी देर के लिए तो दिल मेरा काबू था, पता नहीं उसकी चेहरे पर कौन सा जादू था। अचानक से पता नहीं क्यों मेरी कहानी का मोड़ सैड एंडिंग से एक दम रोमेंटीक एन्ड कैसे हो गया। ना कोई मुलाक़ात ना कोई जस्बात फिर मैं लिखता लिखता उसकी बातों में कैसे खो गया। जब पढ़ा मैंने  तो उसे पढ़ने के बाद वो मेरे हर कहानी हर किस्से में पहुँच गई। थोड़ी सी मोहब्बत हो गई उस से क्योंकि वो मेरे दिल के हर एक हिस्से में पहुँच गई। वो मूझे मेरी एक अलग ही दुनिया मे जो मिली थी, उसके चेहरे पर अलग ही मुस्कान थी, उसको देख कर मूझे अलग ही खुशी मिली थी। सोचा कि अब जख्म भरने लगे हैं मेरे दिल क...

मोहब्बत भुलाई नहीं जाती....

 मैं दिल तो लगा सकता हूँ तुमसे मगर दिल से मोहब्बत अब मुझसे निभाई नहीं जाती, मैं अपने सारे किस्से भी बता दूंगा तुम्हें मगर आँखों की मोहब्बत मुझसे बताई नहीं जाती, तेरे रोने की वजह में तेरे आंसूओं में ढूंढ सकता हूँ, और  तेरे होंठो से तेरे चुप होने की वजह भी मैं पूछ सकता हूं, रही बात मोहब्बत की तो तुम मुझे कैसे भी मोहब्बत जता सकती हो मगर लफ्ज़ो से मोहब्बत अब मुझसे जतायी नहीं जाती, और वैसे भी मेरी मोहब्बत तो कोई और थी और वो कोई और मुझसे भुलायी नहीं जाती। तू मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपने साथ कहीं भी ले जा सकती है, मगर मेरी उँगलियों से तेरी कलाई पकड़ी नहीं जा सकती। तू मूझे बस में या कार में अपनी बगल बाली सीट पर बिठा सकती है, मगर मेरी बाइक तुझे पीछे वाली सीट पर नहीं बिठा सकती। और भी बहुत से किस्से और कहानियाँ हैं जो मुझसे बताई नहीं जाती। मेरी मोहब्बत कोई और थी और वो कोई और मुझसे भुलाई नहीं जाती। तु चाहती है कि मैं तेरे साथ बैठ के खाना खाऊं तो मैं खाना खाऊंगा। मगर तु चाहती है कि मैं तुझे अपने हाथों से खाना खिलाऊँ तो मैं नहीं खिला सकता। तु चाहती है कि मैं तेरे साथ पिक्चर देखने जाऊं तो मैं ते...