शायद ! अब तो तु सुधर जाएगा...
नया साल आने वाला है और ये तेरे अंदर नई उम्मीदें जगायेगा। तु कुछ भी आसानी से नहीं भूलता मगर तु इस बार कुछ चीजें भुलायेगा। तूने सपने भी तोड़े कुछ अपने भी छोड़े, तु कभी किसी के लिए नहीं बदला मगर तूने सबके दिल तोड़े। बहुतों को बदलते देखा मैंने मगर तु कभी नहीं बदला मगर शायद तु इस बार बदल जाएगा। ये बातें ना तु जानता है ना तू कभी जान पाएगा। भले ही तु धोखा नहीं देता किसी को मगर तो हर बार धोखा खायेगा। तुझे तो तेरे यार भी छोड़ देंगे ना तुझे कभी किसी का प्यार मिल पाएगा। तु भागा है घर से कहां है क्यूँ है किसी को नहीं पता, तूने दोस्त छोड़े, घर छोड़ा तु खुद को खुद का हाल क्या बताएगा। नया साल आने वाला है इस बार दोस्तों की महफ़िल में शायद तेरा नाम भी आएगा। तेरे आने की किसी को कोई उम्मीद नहीं है मगर हाँ एक खुआव है बस वो टूट जाएगा। कितने सवाल छोड़ के गया है तु और कितने बवाल करबायेगा। सुधर गया है या नहीं किन किन लोगों के जवाब देता जाएगा। जिसके पीछे पागल हुआ है उसको तो कभी कोई फर्क नहीं पढ़ता। भाड़ में जायेगी वो और उसका इश्क़ भी भाड़ में जाएगा। एक इश्क़ ने बर्बाद कर दिया तुझे अब तु कितनों के इश्क़ को रुलाएगा। बहुतों को...