कैसे बताएं तुमको

हर पल तुमको याद करके जनाब अपने दिल को रुलाना आसान बात नहीं होती।
कुछ तो कमी है शायद मेरे दिल में तभी तो मुझसे तुम्हारी कभी बात नहीं होती।
यूं तो खयालों में हजार बातें करता हुं तुमसे।
लेकिन जब सामने बात करने का मन होता है तो तुमसे मुलाकात ही नहीं होती।
अब तो बस तड़फ रहे हैं तुम्हारे दिल की बातें सुन ने को,
बिना सोचे ही तुमसे अपनी मोहब्बत का आगाज़ करते रहते हैं।
कैसे बताएं यार कि हम तुमको कितना याद करते रहते हैं।

सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक तुम्हारा ही इन्तज़ार रहता है।
तुम हमेशा मेरे साथ रहोगी ये ही बात ना जाने दिल कितनी बार कहता है।
उसको समझाकर थक गया हूं मैं, अब तुम ही आकर समझाओ ना।
तुम्हारी वो हर बात मान लेगा क्योंकि वो तो सिर्फ तुमसे ही तो प्यार करता है।
अगर मुझसे नाराज़ तो बता दो मैं मना लूंगा तुमको।
हम रूठे हुए लोगों को मनाने के लिए बहुत से जुगाड करते रहते हैं।
अब कैसे बताएं यार कि हम तुमको कितना याद करते रहते हैं।

रात को सोते ही आंख बंद करता हुं तो सामने तुम आ जाती हो।
लेकिन जब आंख खोलता हुं तो अंधेरे के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता।
जब तुमसे कुछ बोलने लगता हूं तो तुम मेरे पास आ जाती हो।
लेकिन कुछ कहने के लिए जुबान खोलता हूं तो तुम्हारी बात के अलावा कुछ सुनाई नहीं देता।
पता नहीं तुम अपनी आंखों से मेरे हर लफ्जो को कहां डूबा जाती हो।
जब भी तेरे दिल से कुछ बात करने लगता हूं तो तेरा दिल कभी भी सीधा जवाब नहीं देता।
जब जब तुझे खयालों में रखता हूं मै सब कुछ भूल जाता हुं।
खयालों में भी एक दूसरे को हम कितना हंसाते रहते हैं।
अब तो तुम खुद महसूस कर लो कि हम तुमको कितना याद करते रहते हैं।

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