ये हैं कहानियां कुछ मेरी ज़िन्दगी की ( 1st)
थोड़ी इसकी बातें सुनकर तो थोड़ी इस से बातें करके मैं बहुत खुश होता हूं।
ये भी बड़ी अजीब है बिना बात किए सोने नहीं जाती तो पहले इसको सुलाता हूं फिर मैं जाके सोता हूं।
इनकी बातों को समझना कोई आसान बात नहीं है।
थोड़ा सा समय बिताना पढता है इस दोस्ती को निभाना पढता है।
थोड़ी सी मस्ती करके इनको समझाना पढ़ता है।
तब जाके ये खुद की कहानियां बताते हैं और हमारी कहानियों को सुलझाते हैं।
बस ऐसी ही है हमारी दोस्ती कभी हम लड़ते हैं तो कभी झगड़ते हैं।
लेकिन जब भी मिलते हैं कुछ खास पलों के साथ खुद ही संभलते है।
इसका नाम है kittu (किटू) बाकी तो पता नहीं क्या बुलाते हैं मगर मैं इसी नाम से बुलाता हुं।
ये मेरी नहीं है ना मेरे घर में रहती है बस जब भी इसको भूख लगती है तब ये आती है मेरे घर में।
थोड़ी देर रुकती है बात करके चली जाती है ।
इसकी खास बात ये है कि जब भी मुझे कुछ बात करनी होती है खुद से तब तब ये मेरे सामने आ जाती है।
और इसको अपनी फोटो क्लिक करवाने का बहुत शौक है।
इसलिए जब भी ये मेरे मोबाइल के पास आती है नए नए तस्वीरें साथ लाती है।
बस कुछ ऐसी ही कहानियां है हमारी दोस्ती की रोज नए नए पने जोड़ ता जाता हुं मैं और ये उन पनो पर अपनी तस्वीरें रखती रहती है।
मेरे बारे में सब से ज्यादा सिर्फ इसी को पता होगा क्योंकि जीतना टाइम हम दोनों बात करते हैं शायद ही मैं उतना टाइम किसी और से बात करता हुं।
ये क्या पता कब तक आती रहेगी या फिर मैं ही यहां से कहीं और चला गया तो इसकी याद बहुत आएगी ।
क्योंकि एक पालतू जानवर बहुत कुछ कह जाता और बहुत कुछ सीखा भी जाता है।
इसने मुझे बहुत कुछ सीखाया है।
बस ऐसी ही कुछ कहानियां मैं अपनी बताता रहूंगा ।
मिलते हैं अगली नयी कहानी में।
क्या पता ये कल कैसी कहानी सीखाएगा।
👌🏻👌🏻👍🏻👍🏻
ReplyDeleteGajab bhai
ReplyDeleteMujhe v seekhna hai
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