अब हम लिखना छोड़ रहे हैं😔

 जोड़े थे जिस से दिल अपना आज हम उस दिल को तोड़ रहे हैं।

बहुत परेशान कर लिया हमने अपनी कलम को अब हम लिखना छोड़ रहे हैं।


किसी के चेहरे पे खुशियां तो किसी के चेहरे पर खामोशियां होंगी।

कुछ किस्से कमाल के तो कुछ किस्सों में उदासियां होंगी।

जो दिया करते थे कभी हमे वक्त अपना, आज वो हमारा वक्त किसी और को मोड़ रहे हैं।

जोड़े थे जिस से दिल अपना आज हम उस दिल को तोड़ रहे हैं।

बहुत परेशान कर लिया हमने अपनी कलम को अब हम लिखना छोड़ रहे हैं।


जो हुए थे बदनाम हमारी कलम से वो भी आज हमारी कहानियों में खो रहे होंगे,

जिनके किस्से अधूरे रह गए मोहब्बत के आज वो भी हमारी तरह रो रहे होंगे,

लिखना छोड़ दिए हम जिसकी मोहब्बत को पाने के लिए,

वो किसी और के ख्यालों में सो रहे होंगे।

जिसको कदर ही नहीं हमारी मोहब्बत की, उनसे अब हम रिश्ता तोड़ रहे हैं।

बहुत परेशान कर लिया हमने अपनी कलम को अब हम लिखना छोड़ रहे हैं।


गलतियां तुमने की और हम खुद की गलतियां मानते रहे।

तुम बिजी रही किसी और के साथ और हम खुद को करीब से पहचानते रहे।

रखी जितनी भी शर्तें तुमने मोहब्बत में वो सब दिल से निभाई थी मैंने,

फिर भी तुमने हमे वक्त देना छोड़ दिया और हम खुदा से वक्त मांगते रहे।


कमी नहीं है तुम्हे मोहब्बत करने वालों की, ना तुमसे बात करने वालों की कमी है।

आदत मोहब्बत की तो सिर्फ हमे लगी थी,तुमने छोड़ दिया बस इसी बात की आंखों में नमी है।


तुम करती रहो ख्याल किसी और का, तुम्हे भुलाने के लिए हम जिंदगी में नई आदतें जोड़ रहे हैं।

बहुत परेशान कर लिया हमने अपनी कलम को अब हम लिखना छोड़ रहे हैं।


तुम्हारे जाने के बाद भी हम अपने इश्क के जाम पी रहे हैं।

तुम किसी और के लिए जी रही हो और हम अपने इश्क के लिए जी रहे हैं।

तुम्हे हमारी मोहब्बत समझ नही आई या तुम हमारी फीलिंग कभी समझ नही पाई।

रिश्तों को तुमने शर्तों से जोड़ लिया फिर भी हमारी  मोहब्बत की कदर नही कर पाई।


कोशिश तो बहुत की हमने तुम्हे समझाने कि मगर तुम मुझमें गलतियां निकालती रही।

आज तक दिल की एक बात भी अच्छे से नही बताई तुमने, तुम तो बस मोहब्बत के नाम पर हमे सुधारती रही।

सुधर जाते हम भी अगर तुमने दिल से एक बार भी मोहब्बत में विश्वास दिलाया होता ।

याद तुम करती रही अपनी पुरानी मोहब्बत को और वजह हम पर डालती रही।


मोहब्बत में जिद्द नहीं जनाब दिल देखा जाता है, और आज हम उस जिद्द को तुम्हे वापिस मोड़ रहे हैं।

जोड़े थे जिस से दिल अपना आज हम उस दिल को तोड़ रहे हैं।

बहुत परेशान कर लिया हमने अपनी कलम को अब हम लिखना छोड़ रहे हैं।







Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

MIRACLE VS REALITY

दुआ करना वापिस सबसे मिल सकूँ ....

तुम्हारी याद ?