साइकिल वाली लड़की से इश्क़💗
ना जाने कैसे इतने दिनों बाद ये दिल यूँ ही खो गया।
उस साइकिल वाली लड़की से शायर को इश्क़ हो गया।
ढूंढने निकला था मैं सुकून उन गलियों की राहों में,
मगर इश्क़ मिल गया मुझे किसी की बाँहों में।
मैं तो बस उसकी आंखें ही देखना चाहता था ,
मगर उसने धुप को बुला लिया उस ठंडी छाँव में।
वो उसकी खूबसूरत आंखें और उसके थोड़े लाल गाल ,
वो चेहरे पर लगाया हुआ N 95 मास्क और बांधे हुए बाल,
वो ब्लैक टॉप और ब्लू जीन्स के साथ कतेही ज़हर लग रही थी।
मैंने शायद पहले भी देखा है उसको वो अपने शैरी से बहुत प्यार करती है।
मैं रोज नहीं मिलता उस से मगर वो रोज मेरा इंतज़ार करती है।
बात न शायद वो करेगी न कभी मैं कर पाऊंगा ,
मगर बिना बात किये भी वो अपनी आँखों से इज़हार करती है।
पहले तो मैं बेवजह गलियों में घूमता था मगर अब सिर्फ उसको देखने जाता हूँ ,
पहले तो मैं सिर्फ कहानियां ढूंढता था मगर अब कहानी के हीरो को देखने जाता हूँ।
खुआवों में नहीं वो मेरी नींदों में आती है।
कभी शैरी के साथ तो कभी साइकिल चलाती है,
इश्क़ पर महफ़िल तो हर कोई सजा लेता है,
मगर वो मेरी महफ़िल में इश्क़ लेके आती है।
नाम नहीं पता उसका न उसके वारे में मैं कुछ जानता हूँ।
सिर्फ आंखें देखि हैं उसकी और मैं बस उन आँखों को पहचानता हूँ।
रोकूंगा कभी उसे और पूछूंगा उस से ,
कुछ है इन आँखों में या कुछ बताते हो उसे से ,
क्यों आती हो मेरी नींदों में ,
क्या इश्क़ करते हो मुझ से।
👌👌
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