Posts

Showing posts from January, 2021

मां बाप से बढ़कर इस दुनिया में कोई भी नहीं है💙💙

 आज ऐसे ही बैठा था मै तो न्यूज पेपर पढ़ने लगा ताया जी बोले कि सुबह सुबह नेगटिव न्यूज ना पढ़ा करो, अब उनका नजरिया और उनकी सोच थोड़ी अलग थी, उनको लगता है कि नेगेटिव न्यूज पढ़ के नेगटिव एनर्जी मिलेगी, लेकिन वो तो डिपेंड करता है ना पढ़ने वाले पे वो उस न्यूज को पॉसटिव वे से देखेगा या नेगेटिव से, अगर इंसान उस न्यूज में भी अपनी थिंकिंग पोस्स्टिव रख रहा है तो वो पढ़ सकता है न्यूज । उस न्यूज की तरह अपनी भी ज़िन्दगी है अब वो डिपेंड करता है कि इंसान उस नेगेटिव न्यूज में कितना पॉस्स्टिव वाइब ढूंढता है, बात आ गई है तो आज कल न्यूज क्या आती है  "मां ने बेटी से मोबाइल छीना और बेटी ने चार्जर हाथ में पकड़ के पंखे से फांसी लगा ली" एक टुच्ची सी चीज के लिए इन्होने अपनी जान कुर्बान कर दी। इसका मतलब की मोबाइल इंसान की जान से महंगा हो गया। कुछ दिन पहले न्यूज थी कि एक स्कूल की लड़की ने अपने आशिक़ के साथ ( अब स्कूल की लड़की है तो आशिक़ ही बोलेंगे ना उनको तो साला प्यार का पी नहीं मालूम) उसके साथ मिल के अपने मां बाप को मार दिया। वजह क्या थी कि वो उस से बात नहीं करने देते थे और मिलने नहीं देते थे, जिन्हो...

मोहब्बत की यादें मैंने मोहब्बत को दे दी💙✍️

 जिन्दगी में हम भी मोहब्बत का रस पिया करते थे, वो खास थे हमारे और उन्ही के लिए हम जिया करते थे, मैं तो आज भी मोहब्बत करती हुं उस से , मगर वैसे नहीं जैसे वो किया करते थे, वो मासूमियत से भरी आंखें, वो खामोशी और प्यारी बातें, तुम्हारी स्माइल और वो मुलाकातें, वो बारिश और वो रातें, तुमने भुला दिया होगा मगर मुझे अच्छे से याद है, तुम्हारी मोहब्बत मेरी लिए एक अधूरा खूआव है, जब तुमसे मोहब्बत हुई थी तभी एहसास हो गया था मुझे, कि मेरा पागल दिल तेरी झूठी मोहब्बत के पीछे बर्बाद है। फिर भी तुझसे बेइंतहां मोहब्बत की मैंने, तुझ से तेरे दुख लिए और तुझे अपनी सारी खुशियां दी मैंने, तुमने महफ़िल में उन दुआओ की भी धाजियान उड़ा दी, जो खुदा से सिर्फ तेरे लिए मांगी थी मैंने। मै तुमसे एक दिन भी बिना बात किए नहीं रह सकती थी,  मगर तुम तो किसी और से ही बातें किया करते थे। मैं आज भी मोहब्बत करती हुं तुमसे , मगर वैसे नहीं जैसे तुम किया करते थे। तुम झूठ बोलते रहे मैं सच मानती रही, तुम टूटे खुआव लेकर मेरे पास आए,  मैंने उन्हें ही अपना सब कुछ मानती रही। कभी सोचा नहीं था कि तुम इतना झूठ बोलोगे, मगर तुम्हार...

मुझे भूल जाना मगर ये दोस्ती मत भूलना 🥃

 अनजान शहर में मिले थे वो मुझे एक ही पल में उन्होंने दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया। मुझे कुछ भी पता नहीं था इस शहर के बारे में एक एक करके उन्होंने मुझे सब कुछ सिखा दिया। मेरी गलतियों पर वो मुझे हमेशा टोकते थे, मेरी गंदी आदतों को वो हर बार रोकते थे, कभी देखी नहीं गलियां मैंने ना देखे यहां के मोहल्ले, एक दिन उन्होंने मुझे पूरा शहर ही घुमा दिया। वो मेरे जीगरी यार हैं उनकी दोस्ती ने ही तो आज मुझे इतना खास बना दिया। इस मतलबी दुनिया में उन्होंने मुझे सच्ची दोस्ती का एहसास दिला दिया। ये एहसास मेरे सारे दोस्तो के लिए जिन्होंने आज तक मेरा साथ नहीं छोड़ा, आई जितनी भी मुश्किलें उन्होंने कभी मेरा भरोसा नहीं तोड़ा, बस दुआ है दोस्तों से ये दोस्ती ऐसे ही बरकरार रखना, अगर एक भी हाथ छूटा तो खुदा भी कहेगा ये दोस्ती का रुख किसने मोड़ा। अलग हुए शहर से या अलग हुए इन गलियों से तो खुद को निराश ना होने देना, रास्ते आएंगे बहुत मंजिल पाने के मगर दोस्तों को यूं पीछे ना छोड़ देना, कभी कभी ऑनलाइन बात कर लिया करेंगे बस अपनी लोकेशन भेजते रहना। बिजी रहोगे कहीं तो मैसेज सीन करके मत छोड़ना बिजी हूं कम से कम ये रिप्लाइ तो...

इश्क़ से मुलाक़ात 💙

 दर्द भरी तन्हाइयों में थोड़ी खुशियों की बरसात हुई थी, किसी ने कहा था इश्क खुदा का दूसरा नाम है। एक दिन मेरी भी इश्क़ से मुलाकात हुई थी। मिले वो कुछ ऐसे मेरे पास मोहब्बत बयां करने का कोई मौका ना था। मेरी तो एक तरफा मोहब्बत थी ये मानता था मैं, मगर वो भी मुझसे मोहब्बत करते हैं ये मैंने सोचा ना था। प्रिंटेड सूट, ब्लू जींस,  माथे पे बिंदी,आंखों में काजल,  गले में माला, पैरों में पायल, हाथ में फोन पकड़ के जैसे ही वो मेरे सामने आए मैं उनकी आंखों से कुछ कह रहा था, उन्होंने हाथ आगे बढाया मुझसे हाथ मिलाने को, मै उनके हाथ को पकड़ कर उनकी मोहब्बत में बह रहा था। मेरे सामने बैठे थे वो और मेरे होंठ उनको देख के मुस्कुराए जा रहे थे, बातें थी ही नहीं कुछ करने को बस आंखों में खुआव सजाए जा रहे थे, मैं जब भी देखूं उनकी आंखों को तो वो आंखें नीचे कर लेती थी, मैं जरा सा इधर उधर क्या देखुं इतने में वो मेरी आंखें पढ़ लेती थी, कुछ देर तक बस ऐसे ही चुप चाप बैठ कर एक दूसरे को दिल की धड़कने सुनाए जा रहे थे।। मैं सोच रहा था कि क्या बोलूं में उनसे, इतने में उन्होंने ने मुझसे पूछ लिया। आप लिखते हो इतना...

मोहब्बत करने के लिए कास्ट एक जैसे होना जरूरी है क्या?

 मोहब्बत में वो पागल लड़की रोज मेरे साथ घुमा करती थी। कभी हाथ पकड़ के चलती थी तो कभी मेरी आंखों को चूमा करती थी। बिना बात के बिना वजह के रोज मुझे मिलने बुलाया करती थी, थोड़ा सा लेट क्या हो जाऊं मैं तो वो खुदा को ढूंढा करती थी, पल बित ते गए, दिन बीत ते गए, वो रोज मुझसे मिलने आया करती थी, कभी खाना खिलाती थी मुझे, तो कभी अपनी तस्वीरें दिखाया करती थी, अचानक एक दिन देख लिया किसी ने उसको मेरे साथ, वो डर गई जैसे ही वो इंसान आया मेरे पास, पता नहीं कौन था, मुझसे बस मेरा नाम पूछा उसने, मैंने सोचा होगा कोई मेरी मोहब्बत का खास, मैंने भी नाम बता दिया उसको,  उसने बोला लड़की का नाम जानते हो, मैंने बोला नाम याद नहीं,  मगर मैं तो जानी कहता हुं उसको। इतना कहते ही वो चला गया,  और मैंने लड़की की तरफ देखा वो रो रही थी, मैंने पूछा इतना क्यों डर रहे हो,  बैसे भी मुझसे मिलने के लिए वो घरवालों से परमिशन लेके आया करती थी। उसने थोड़ी सी स्माइल की और बोली कि अब मुझे जाना है, मैंने भी बोल दिया कि ठीक है कल मिलते हैं फिर, वो बिना जवाब दिए चली गई, उस दिन उसने बात नहीं की मुझसे, मैंने बहुत फोन...

उनको दिल जोड़ने वाले नहीं दिल तोड़ने वाले अच्छे लगते हैं💔

 कभी उस से प्यार किया है जिसकी पहली मोहब्बत तुम नहीं कोई और हो, मैंने किया है कभी कभी मुझे लगा कि उसको मेरी मोहब्बत से कोई फर्क नहीं पढ़ता। पहले कहा था उन्होंने की यादें मैं अपनी आपको बता नहीं सकती, बाद में बोली कि मैं अपने प्यार को कभी भुला नहीं सकती, अगर उसको मोहब्बत मुझसे है तो वो उसको कितना भी याद करे मुझे कोई फर्क नहीं पढ़ता। मगर वो मुझसे मोहब्बत करके उसको समझा नहीं सकती, नाराज है उनसे कोई मगर मनाने वो अपने पुराने प्यार को जा रही। अपने दिल की बातें वो मोहब्बत को ना बता कर पुराने प्यार को बता रही। मोहब्बत का नाम उसने हमसे जोड़ रखा है, मगर महफिलों में किस्से वो अपने पुराने प्यार के ही सुना रही। ना मुझे कोई दिक्कत है तुमसे ना मुझे कोई नाराजगी, मगर जब मोहब्बत मुझसे करते हो तो आपको उसकी ही क्यों याद आ रही। पता नहीं था मुझे कि उनको झूठे बाधे करने वाले ही पक्के लगते हैं, बहुत समझाए हम उनको मगर उनको तो झूठे लोग ही सच्चे लगते हैं, वो क्या ही मोहब्बत करेंगे हमसे उनको दिल जोड़ने वाले नहीं दिल तोड़ने वाले अच्छे लगते हैं। जाते जाते उसकी यादें मुझे रुला गई, तस्वीरें रखी थी जो दिल में उस...

इश्क की धोखेबाजियां

 माना मोहब्बत तुम्हे थोड़ी कम थी मुझसे, मगर तुमने वो भी दिल से नहीं निभाई। मैं अकेले ही जीना सीख रही थी, जब खुदा ने मेरी तुझसे मुलाकात करवाई।। बहुत सोची थी मैं कि तुझे दिल के जज़्बात कभी बताऊंगी नहीं, कम्बख़त इश्क़ जो हुआ था तुझ से, इसलिए कभी भी कोई बात तुझ से नहीं छिपाई। बाजियां लगाया करता था तू इश्क पे, मगर तुझे आज तक किसी ने मोहब्बत नहीं सिखाई। दिल भी बदला तूने , कई बिस्तर भी बदले , मगर तेरे जिस्म की भूख किसी ने नहीं मिटाई। उस भीड़ में मुस्कुराया क्यों था तु मुझे देख के, तेरी औकात मुझे आज समझ में आई।। मेरी मोहब्बत सच थी या फिर तेरी बातें सच थी, जो भी था सब एक पल में धुआं हो गया। आसमान जब साफ हुआ तब पता लगा मुझे, मेरे दिल में भी आग तूने ही लगाई।। ना गलत मैं थी, ना कोई ग़लती मेरी थी, गलत तु था, और गलत सोच तेरी थी। कितनो से मोहब्बत की होंगी तूने, कितनो के दिल दुखाए होंगे। कितनो को छुआ होगा तूने ओर कितनो के जिस्म तड़फाए होंगे। इन जिस्मों का खेल खेल कर शर्म तो तुझे आती नहीं होगी, आएगी भी कैसे तेरे ही संस्कार तुझे ये सब सिखाए होंगे। जिस संगत में तु रहता है ये जिस्म के लडू तो उन्हों...

उसको यादों की बहुत याद आती है💔

 उसकी मज़ाक में की हुई बात भी मेरे दिल पे लग जाती है। वो जानबूझकर नाराज होकर मुझे बहुत तड़फाती है। मैं बात जब भी रखता हूं उसके पास अपने दिल की, तब तब उसको अपनी यादों की याद आ जाती है। मेरे दिल का हाल सुनकर तुम अपनी आंखें ना मूंद लेना, उसकी आंखों मैं तुमने बहुत खुआव ढूंढे होंगे,  एक खुआव मेरी आंखों में भी ढूंढ लेना।। मुझे मालूम है तुम्हारी आंखे उसकी मुलाकातों को कभी नहीं भुला पाएंगी। तस्वीरें जो रखी है उसकी, उनको देखे बिना ये आपको कभी नहीं सुलाएंगी। आपको किसी से मोहब्बत तो है लेकिन वो इंसान मैं नहीं हूं, ये बातें एक दिन मुझसे ज्यादा आपको रुलाएंगी।। याद तो मैं भी करता हुं आपको मगर हिचकियां तो सिर्फ उसके नाम पर ही आती हैं। मोहब्बत तो मैं भी करता हुं मगर आपको तो यादें ही याद आती हैं। आपको पता भी नहीं कौन और कितनी शिद्दत से आपको प्यार करते है, कोई आपसे बात करने के लिए तो कोई आपसे मिलने के लिए इंतज़ार करते हैं। एक मैं ही हुं जो पूरा का पूरा आप पर मरता हूं, वरना कोई आपकी आंखों पर तो कोई आपके जिस्म पर मरते हैं। हर बार उसकी बातें करके मुझे क्यों गुस्सा दिलाते हो, सॉरी बोलते हो बाद में...

वो एक पागल सी लड़की थी💞

 एक पागल सी लड़की थी जो तुम पर मरती थी, तुमको खुश रखने के लिए लाख कोशिशें करती थी। इंतज़ार रहता था उसको तुम्हारे साथ बातें करने का, क्योंकि वो सिर्फ तुम्हारी ही बातें अपने दिल में रखती थी। एक पागल लड़की थी जो तुमसे प्यार करती थी। तुम्हारे लिए वो अपनों से भी लड़ जाया करती थी। उसके ख्यालों में जीकर सिर्फ तुम्हारा हुआ करता था। उसके लफ़्ज़ों पे नाम भी सिर्फ तुम्हारा हुआ करता था। रोज बातें वो दिल की तुमको बताया करती थी, क्योंकि उसकी धड़कनों का काम तो तुम्हारा हुआ करता था। खुदा से ना मांगी उसने दुआ कभी अपने लिए, तुम्हारे लिए ही तो सारी दुआ यें मांगा करती थी। वो एक पागल सी लड़की थी, जो तुमसे प्यार करती थी। जब बात आती थी तुम पर तो वो किसी से ना डरती थी। जज़्बाती थी थोड़ी, उसने सारे जज़्बात भी संभाल लिए, ट्रस्ट करती थी तुम पे, तुम भी उसको रुला दिए। थोड़ी सी मोहब्बत की थी तो एक बार सच तो बताया होता, झूठ बोल के तुम कौन सा झाड़ उखाड़ लिए। बातें मेरी थोड़ी तुम्हे लगेंगी जोर से दिल पे, वो मोहब्बत वाली लड़की तो याद होगी कि उसको भी भुला दिए। मुझे कोई शौक नहीं मोहब्बत का ,मुझे तो मेरी कहानियों से प...

ये उस शख्स के लिए जिसने मुझे चाह कर भी नहीं चाहा है✍️

  ये बातें उस शख्स के लिए जिसने मुझे चाह कर भी नहीं चाहा है। साल बदल गया , मोहब्बत भी बदली होगी किसी ने ये मुझसे कहा है। लिखूंगा कुछ ऐसा मोहब्बत भी सोचेगी तुम दोनों साथ तो कभी नहीं दिखे, फिर ये जस्बात, अल्फ़ाज़ जाना तुमने किस के लिए लिखे।। मोहब्बत को हमारी तुम टाइम पास बोलते हो, तो कहानियों को क्यों  हमारे साथ जोड़ते हो, जब जरूरत होती है तुम्हारी तब तो तुम ना बोलते हो, जब बात करनी ही नहीं हमसे तो  ब्लॉक क्यों खोलते हो। बातें तो बहुत करते थे दिल से निभाने की, जब बात आयी दिल पे तो याद आ गई पुराने की।। जो भी की हमसे बातें वो सब बेफालतू साबित हो गई, तुमको तो याद आती थी हर पल बस याराने की। बातें तो तुम हर पल हमसे ही किया करते थे, मगर इश्क़ का घूंट तुम सिर्फ यादों से पिया करते थे।। हमको बोल बोल के थक गए की भूल जाएंगे उनको, मगर उन्ही यादों के साथ तो तुम अपनी ज़िन्दगी जिया करते थे। उन यादों को मिटाने के लिए हम जरिया थे तुम्हारे, भुलाने के चक्कर में तुम उन्हें ही याद किया करते थे। भावनाओं में बह के तुम, दास्तां हमे सब सुना दिए, यादों को याद करते करते हमको ही भुला...

शायर से मोहब्बत करके तो देखो💝

  जो पढ़ता है आंखों को उनसे नज़रें मिलाकर तो देखो। बातें तो सब करते हैं जनाब , उन बातों से किसी को हंसा कर तो देखो। कौन कहता है कि शायर बदनाम कर देता है मोहब्बत को, कभी शायर से दिल लगाकर तो देखो। वो अपनी कहानियों से हंसाएगा भी तुमको, कभी कभी अपने खुआवों में बुलाएगा भी तुमको, अगर तुम नाराज हो जाओगे तो वो मनाएगा भी तुमको। जब जब  मन होगा उसका तो वो रुलाएगा भी तुमको।। दिल जोड़ने वाले से तो मोहब्बत हर कोई कर लेता है, कभी अल्फाजों को जोड़ने वाले से खुद को मोहब्बत करबाके तो देखो। कौन कहता है कि शायर बदनाम कर देता है मोहब्बत को, कभी शायर से दिल लगाकर तो देखो। महफिलों में आशिक़ अपने सनम को लेके मजे लूटने आते हैं। कई अपनी मोहब्बत को मोहब्बत बनाके मोहब्बत से छूटने आते हैं। महफिलें भले ही प्यार करने वाले सजाते होंगे, मगर वो शायर ही हैं जो अपने अल्फाजों से महफिलों में चार चांद लगाते हैं। जिस्म पर लिखने वाले  तो बहुत मिल जाएंगे, कभी दिल पर लिखने वालों से लिखवा कर तो देखो। कौन कहता है कि शायर बदनाम कर देता है मोहब्बत को, कभी शायर से दिल लगाकर तो देखो। मोहब्बत में उनको...

वो ही इंसान मिला था क्या दिल लगाने को 💔

 जब आंखें मिली थी उस से तो बस हाथ मिलाना ही काफी था। खुशी के मौके पर थोड़ी सी खुशी और दे गया वो, इसका मतलब ये नहीं कि उस से दिल लगाना ही बाकी था।। जब जानते नहीं थे एक दूजे को तो सिर्फ जान पहचान बढ़ाना ही काफी था। मिले नहीं इतने कभी, बस एक दो मुलाकातें तो हुई थी,  इसका मतलब ये तो नहीं कि उसको अपनी मोहब्बत बनाना ही बाकी था।। पता है जानी मुझे खुशी मिलती है आपको दूसरों को खुश करके, मगर उसका ही दिल मिला था क्या खुश करवाने को।। दुनिया इतनी भी छोटी नहीं है जनाब वो ही बंदा मिला था क्या दिल लगाने को। तुम्हे आदत हो गई उसकी बातों की, उसे आदत हो गई तुम्हारी आंखों की, इस आदत को छोड़ना तो दूर तुम तोड़ना भी नहीं चाहते थे। फिर कौन आ गया तुम्हारी मोहब्बत के चांद पर दाग लगाने को। जिसे तुम्हारी ना होने  से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्या वो ही इंसान मिला था दिल लगाने को।। तुम्हारा दिल ही पागल था जो उसे सब बात बताया  करता था। और वो बंदा ही गलत था जो तुमसे हर बात छिपाया करता था। मैंने ये नहीं कहा कि उसने कभी तुमको खुश नहीं रखा, मगर थोड़ी सी खुशी देकर वो कितना रुलाया करता था। तुमसे मिलने के लिए...