मां बाप से बढ़कर इस दुनिया में कोई भी नहीं है💙💙
आज ऐसे ही बैठा था मै तो न्यूज पेपर पढ़ने लगा ताया जी बोले कि सुबह सुबह नेगटिव न्यूज ना पढ़ा करो, अब उनका नजरिया और उनकी सोच थोड़ी अलग थी, उनको लगता है कि नेगेटिव न्यूज पढ़ के नेगटिव एनर्जी मिलेगी, लेकिन वो तो डिपेंड करता है ना पढ़ने वाले पे वो उस न्यूज को पॉसटिव वे से देखेगा या नेगेटिव से, अगर इंसान उस न्यूज में भी अपनी थिंकिंग पोस्स्टिव रख रहा है तो वो पढ़ सकता है न्यूज । उस न्यूज की तरह अपनी भी ज़िन्दगी है अब वो डिपेंड करता है कि इंसान उस नेगेटिव न्यूज में कितना पॉस्स्टिव वाइब ढूंढता है, बात आ गई है तो आज कल न्यूज क्या आती है "मां ने बेटी से मोबाइल छीना और बेटी ने चार्जर हाथ में पकड़ के पंखे से फांसी लगा ली" एक टुच्ची सी चीज के लिए इन्होने अपनी जान कुर्बान कर दी। इसका मतलब की मोबाइल इंसान की जान से महंगा हो गया। कुछ दिन पहले न्यूज थी कि एक स्कूल की लड़की ने अपने आशिक़ के साथ ( अब स्कूल की लड़की है तो आशिक़ ही बोलेंगे ना उनको तो साला प्यार का पी नहीं मालूम) उसके साथ मिल के अपने मां बाप को मार दिया। वजह क्या थी कि वो उस से बात नहीं करने देते थे और मिलने नहीं देते थे, जिन्हो...