इश्क़ से मुलाक़ात 💙
दर्द भरी तन्हाइयों में थोड़ी खुशियों की बरसात हुई थी,
किसी ने कहा था इश्क खुदा का दूसरा नाम है।
एक दिन मेरी भी इश्क़ से मुलाकात हुई थी।
मिले वो कुछ ऐसे मेरे पास मोहब्बत बयां करने का कोई मौका ना था।
मेरी तो एक तरफा मोहब्बत थी ये मानता था मैं,
मगर वो भी मुझसे मोहब्बत करते हैं ये मैंने सोचा ना था।
प्रिंटेड सूट, ब्लू जींस,
माथे पे बिंदी,आंखों में काजल,
गले में माला, पैरों में पायल,
हाथ में फोन पकड़ के जैसे ही वो मेरे सामने आए मैं उनकी आंखों से कुछ कह रहा था,
उन्होंने हाथ आगे बढाया मुझसे हाथ मिलाने को,
मै उनके हाथ को पकड़ कर उनकी मोहब्बत में बह रहा था।
मेरे सामने बैठे थे वो और मेरे होंठ उनको देख के मुस्कुराए जा रहे थे,
बातें थी ही नहीं कुछ करने को बस आंखों में खुआव सजाए जा रहे थे,
मैं जब भी देखूं उनकी आंखों को तो वो आंखें नीचे कर लेती थी,
मैं जरा सा इधर उधर क्या देखुं इतने में वो मेरी आंखें पढ़ लेती थी,
कुछ देर तक बस ऐसे ही चुप चाप बैठ कर एक दूसरे को दिल की धड़कने सुनाए जा रहे थे।।
मैं सोच रहा था कि क्या बोलूं में उनसे,
इतने में उन्होंने ने मुझसे पूछ लिया।
आप लिखते हो इतना क्या आप मुझे अपनी डायरी दिखाएंगे,
मैंने कहा क्यों नहीं ,
मैंने डायरी दे दी उनको जिसमें उनका जीकर हो रहा था।
वो पढ़ रहे थे कहानियों को और मैं छुप के उनकी तस्वीरें ले रहा था,
वो नाम ढूंढ रहे थे अपना मेरी कहानियों में , मगर हर पन्ना सिर्फ जानी का नाम ले रहा था।
उनको थोड़ा सा समझ आ गया कि जानी शायद मैं ही हूं तभी हर पन्ने पे जानी का जीकर हो रहा था।
उन्होंने कहा कि क्या ये डायरी मैं अपने साथ ले जा सकती हुं।
मैंने सिर्फ हां कहा,
क्योंकि वो डायरी भी उनके लिए थी मगर जो एक तरफ मोहब्बत की कहानियां थी वो उनके पास नहीं थी,
इसलिए मैंने वो डायरी उनको दे दी,
बस कुछ हसीन पलों की मुलाकात थी,
मगर हर लफ्ज़ में मोहब्बत की मिठास थी,
वो पहले तो मेरे खुअवों में हुआ करते थे,
मगर अब उनकी मुलाकात ही मेरी खास थी,
उस दिन मेरी एक तरफा मोहब्बत से पहली बार बात हुई थी,
किसी ने कहा था इश्क खुदा का दूसरा नाम है।
उस दिन मेरी भी इश्क़ से मुलाकात हुई थी।
Ek tarfa mohbbat mai mulaakaat nhi hoti..
ReplyDeleteTasveerain hoti hai pass magar kabhi baat nhi hoti...
Tumhari mohbbat ne hme bhi Shayar bna diya ..
Magar hmaari shayri mai sirf hee JAANI khaas nhi hoti..