मोहब्बत की यादें मैंने मोहब्बत को दे दी💙✍️

 जिन्दगी में हम भी मोहब्बत का रस पिया करते थे,

वो खास थे हमारे और उन्ही के लिए हम जिया करते थे,

मैं तो आज भी मोहब्बत करती हुं उस से , मगर वैसे नहीं जैसे वो किया करते थे,


वो मासूमियत से भरी आंखें,

वो खामोशी और प्यारी बातें,

तुम्हारी स्माइल और वो मुलाकातें,

वो बारिश और वो रातें,


तुमने भुला दिया होगा मगर मुझे अच्छे से याद है,

तुम्हारी मोहब्बत मेरी लिए एक अधूरा खूआव है,

जब तुमसे मोहब्बत हुई थी तभी एहसास हो गया था मुझे,

कि मेरा पागल दिल तेरी झूठी मोहब्बत के पीछे बर्बाद है।


फिर भी तुझसे बेइंतहां मोहब्बत की मैंने,

तुझ से तेरे दुख लिए और तुझे अपनी सारी खुशियां दी मैंने,

तुमने महफ़िल में उन दुआओ की भी धाजियान उड़ा दी,

जो खुदा से सिर्फ तेरे लिए मांगी थी मैंने।


मै तुमसे एक दिन भी बिना बात किए नहीं रह सकती थी, 

मगर तुम तो किसी और से ही बातें किया करते थे।

मैं आज भी मोहब्बत करती हुं तुमसे , मगर वैसे नहीं जैसे तुम किया करते थे।


तुम झूठ बोलते रहे मैं सच मानती रही,

तुम टूटे खुआव लेकर मेरे पास आए, 

मैंने उन्हें ही अपना सब कुछ मानती रही।

कभी सोचा नहीं था कि तुम इतना झूठ बोलोगे,

मगर तुम्हारी सारी हरकतों पर बस मैं डांटती रही।

सोचा था कि मजाक करते हो एक दिन सुधर जाओगे,

बस इसी आस में तुमसे मोहब्बत बांटती रही।

 

मेरी आंखों में तो सिर्फ तुम्हारी ही तस्वीर हुआ करती थी, 

मगर तुम कितनो को देख के जिया करते थे।

मैं आज भी मोहब्बत करती हुं तुमसे , 

मगर वैसे नहीं जैसे तुम किया करते थे।


तुमने छोड़ दिया मुझे और मैंने मान भी लिया कि शायद तुम्हारी मजबूरी थी।

सच तो ये है कि तेरे पास कोई और थी और मुझसे तेरी दूरी थी।

याद होगा तुम्हे जब तुमने पहली बार दिल तोड़ा था मेरा,

तुमने छुआ मुझे क्योंकि तुम्हारे लिए जिस्म की मोहब्बत जरूरी थी।


तुमने छोड़ दिया क्या सोचा कि हर किसी से मोहब्बत तु ही कर सकता है।

वो शायर है मेरी ज़िन्दगी का,

मेरी खुशियां मेरी आंखों से और मेरी खामोशी मेरे होंठो से पढ़ सकता है।


वो दिल से टूटा है मगर तेरे चक्कर में अब उसको और तोडूंगी नहीं,

उसको मोहब्बत है मुझसे और मै भी उसको अपना मानती हुं तेरी लिए उसको कभी छोडूंगी नहीं,

तू कौन है और कौन था सब भुला रहा है वो,

अब तेरे बारे में कभी सोचूंगी भी नहीं।


बदला तो तुमसे मैं भी ले लेती अगर शायर की मोहब्बत की बात ना होती,

मैं आज भी तुमसे प्यार कर लेती अगर तुमने मुझसे थोड़ी सी भी मोहब्बत की होती।






Comments

  1. Tum pyaar ko kya samjhte ho..
    Jis se pyaar karoge usko har baar badnaam karoge kya,,
    Jisko tum Badnaam karte ho usko maloom hai ki tum ye sab karte ho..
    Tum Shayar log kabhi mohbbat kar hee nhi sakte.. bas ishq ko badnaam karte ho...

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

MIRACLE VS REALITY

दुआ करना वापिस सबसे मिल सकूँ ....

तुम्हारी याद ?