मोहब्बत करने के लिए कास्ट एक जैसे होना जरूरी है क्या?
मोहब्बत में वो पागल लड़की रोज मेरे साथ घुमा करती थी।
कभी हाथ पकड़ के चलती थी तो कभी मेरी आंखों को चूमा करती थी।
बिना बात के बिना वजह के रोज मुझे मिलने बुलाया करती थी,
थोड़ा सा लेट क्या हो जाऊं मैं तो वो खुदा को ढूंढा करती थी,
पल बित ते गए, दिन बीत ते गए,
वो रोज मुझसे मिलने आया करती थी,
कभी खाना खिलाती थी मुझे, तो कभी अपनी तस्वीरें दिखाया करती थी,
अचानक एक दिन देख लिया किसी ने उसको मेरे साथ,
वो डर गई जैसे ही वो इंसान आया मेरे पास,
पता नहीं कौन था, मुझसे बस मेरा नाम पूछा उसने,
मैंने सोचा होगा कोई मेरी मोहब्बत का खास,
मैंने भी नाम बता दिया उसको,
उसने बोला लड़की का नाम जानते हो,
मैंने बोला नाम याद नहीं,
मगर मैं तो जानी कहता हुं उसको।
इतना कहते ही वो चला गया,
और मैंने लड़की की तरफ देखा वो रो रही थी,
मैंने पूछा इतना क्यों डर रहे हो,
बैसे भी मुझसे मिलने के लिए वो घरवालों से परमिशन लेके आया करती थी।
उसने थोड़ी सी स्माइल की और बोली कि अब मुझे जाना है,
मैंने भी बोल दिया कि ठीक है कल मिलते हैं फिर,
वो बिना जवाब दिए चली गई,
उस दिन उसने बात नहीं की मुझसे,
मैंने बहुत फोन किए उसको ,
बहुत मैसेज भी किए,
उसने किसी का कोई रिप्लाइ नहीं दिया।
अगले दिल कॉल आया उसका कहती है तुम्हे अपनी ज़िन्दगी पर फोकस करो, बर्बाद होना है क्या मेरे पीछे,
ये वो लड़की बोल रही थी जो खुद पागल थी मेरे पीछे।
अंदाज उसके थोड़े बदल रहे थे, ख्याल उसके थोड़े बदल रहे थे,
मगर थोड़ा सा भी पता नहीं लगने दिया उसने की असल में वो किस बात से डरे थे।
खुद से नफरत करवाने के लिए वो हज़ारों प्लान बना रहे थे,
मगर जो उस दिन उनके साथ हुआ वो सारे पल हमसे छिपा रहे थे,
कोई और मोहब्बत करता है मुझसे और मुझे भी उस से मोहब्बत है,
ये झूठ बोलकर वो मुझको खुद से दूर होने का एहसास करवा रहे थे।
कसमें खिला दी उसने मोहब्बत की , कि अब मुझे कभी याद मत करना,
ऐसी बातें बोल के वो मुझसे खुद को बेवफ़ा कहलवा रहे थे।
मैंने उनकी झूठी बातें सच मान ली,
इश्क़ में रोया बहुत में,
उनको बदनाम करने की मैंने भी ठान ली,
इतना बदनाम किया उनको फिर भी वो सच नहीं बताए,
मोहब्बत वो आज भी करते हैं और मैंने उनकी मोहब्बत बेवफाई मान ली।
मुझे जान ना था कि आखिर उस दिन ऐसा हुआ क्या था,
क्या सच में कोई और मिला था या किसी ने कुछ कहा था,
मुझे ढूंढना था वो इंसान जो उस दिन हम दोनों को घूर रहा था,
और था कौन वो जो सिर्फ मुझसे मेरा नाम पूछ रहा था।
जब पता किया मैंने सारे किस्से जोड़ ते जोड़ ते तो पता लगा कि उस दिन असल में हुआ क्या था।
वो इंसान उनका पड़ोसी था वो मेरा नाम मेरी कास्ट जान ने के लिए पूछ रहा था।
मेरी कास्ट और थी और उसकी कास्ट और तो उसको लगा कि लड़की ने इसको अपनी कास्ट नहीं बताई,
इसलिए ये अपने से छोटी कास्ट से मोहब्बत कर रहा था।
मैंने कभी इन चीजों पे ध्यान दिया ही नहीं,
और ध्यान देना भी क्यों प्यार करने के लिए कास्ट एक जैसी होना जरूरी है क्या,
मुझे मेरे परिवार ने आज तक नहीं बताया कि ये इंसान छोटा है ये बड़ा है।
मगर उस पड़ोसी ने उसकी फैमिली की पूरे मोहल्ले में जो बातें सुनाई,
ये वो ही बातें थी जो जानी ने आज तक मुझे नहीं बताई।
मैंने ये ही सोचता था कि मैं उस से ज्यादा मोहब्बत करता हुं,
मगर इन बातों का जब मुझे पता लगा तो ऐसा लगा उसके सामने मेरी मोहब्बत तो कुछ है ही नहीं।
उसको पता था कि मैं ये कास्ट बास्ट नहीं मानता,
फिर भी उसने इतने झूठ बोले सिर्फ ये बात छुपाने के लिए,
आज भी वो कभी कभी बात करती है, लेकिन जब में कुछ पूछता हुं उस से तो बात करना बंद कर देती है।
एक दिन कहा था उसने की हम साथ रह सकते थे अगर तुम मेरी कास्ट के होते हैं या फिर मैं तुम्हारी कास्ट की।
जब लड़का दिल से मोहब्बत करे तो लड़की धोखा दे जाती है,
जब लड़की दिल से मोहब्बत करे तो लड़के को जिस्म की भूख लग जाती है।
जब साला दोनों दिल से मोहब्बत करे तो ये कास्ट बीच में आ जाती है।
Truly an inspiring story from a nice heart person.....,😊🤘🤘
ReplyDeleteLOVE IS BEYOND THIS WORLD.....I request
Please do not combine casticism and racism with love......,🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🤘
JAANI kon hai ? 🤔🤔
ReplyDelete👌👌
ReplyDelete