इश्क की धोखेबाजियां
माना मोहब्बत तुम्हे थोड़ी कम थी मुझसे,
मगर तुमने वो भी दिल से नहीं निभाई।
मैं अकेले ही जीना सीख रही थी,
जब खुदा ने मेरी तुझसे मुलाकात करवाई।।
बहुत सोची थी मैं कि तुझे दिल के जज़्बात कभी बताऊंगी नहीं,
कम्बख़त इश्क़ जो हुआ था तुझ से, इसलिए कभी भी कोई बात तुझ से नहीं छिपाई।
बाजियां लगाया करता था तू इश्क पे,
मगर तुझे आज तक किसी ने मोहब्बत नहीं सिखाई।
दिल भी बदला तूने , कई बिस्तर भी बदले ,
मगर तेरे जिस्म की भूख किसी ने नहीं मिटाई।
उस भीड़ में मुस्कुराया क्यों था तु मुझे देख के,
तेरी औकात मुझे आज समझ में आई।।
मेरी मोहब्बत सच थी या फिर तेरी बातें सच थी,
जो भी था सब एक पल में धुआं हो गया।
आसमान जब साफ हुआ तब पता लगा मुझे,
मेरे दिल में भी आग तूने ही लगाई।।
ना गलत मैं थी, ना कोई ग़लती मेरी थी,
गलत तु था, और गलत सोच तेरी थी।
कितनो से मोहब्बत की होंगी तूने, कितनो के दिल दुखाए होंगे।
कितनो को छुआ होगा तूने ओर कितनो के जिस्म तड़फाए होंगे।
इन जिस्मों का खेल खेल कर शर्म तो तुझे आती नहीं होगी,
आएगी भी कैसे तेरे ही संस्कार तुझे ये सब सिखाए होंगे।
जिस संगत में तु रहता है ये जिस्म के लडू तो उन्होंने भी खाए होंगे।।
अगर तु मिला ना होता उस दिन तो तुझे कब का खुदा के पास पहुंचा देती।
थोड़ी सी मोहब्बत हुई थी तुझ से वरना तुझे तेरी औकात दिखा देती।।
नोट: ये बात मैंने सिर्फ इंसान के लिए लिखी है, इसमें जेंडर का कोई रोल नहीं है,
वो कोई भी हो सकता है, लड़का भी और लड़की भी।।
ज़िन्दगी का नियम मेरे हिसाब से ये ही है कि लड़की गलत इंसान से मोहब्बत करके सही इंसान से बदला ले लेती है।
लेकिन जो गलत इंसान होता है उसको भी पहले किसी लड़की ने धोखा दिया होता है,इसलिए उसकी ट्रस्ट नाम की एक फीलिंग टूट जाती है।
इसलिए वो लड़की से बदला ले लेता है।
और जो लड़की होती है वो सही बंदे को धोखा देती है उसकी भी ट्रस्ट वाली फीलिंग टूट जाती है।
और सही इंसान को जब धोखा मिलता है तो उनकी भी ट्रस्ट नाम की फीलिंग टूट जाती है।।
और बस ये ही सर्किल चलता है
कन्फ्यूज नहीं होने का इसका सिम्पल मीनिंग है कि चाहे इंसान गलत हो या सही साला मोहब्बत करना ही छोड़ दो, आज नहीं तो कल तुम इस सर्किल मैं फंस जाओगे।।
Tum toh phir bhi usi se mohbbat karoge..😭😭
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