ये उस शख्स के लिए जिसने मुझे चाह कर भी नहीं चाहा है✍️

 

ये बातें उस शख्स के लिए जिसने मुझे चाह कर भी नहीं चाहा है।
साल बदल गया , मोहब्बत भी बदली होगी किसी ने ये मुझसे कहा है।
लिखूंगा कुछ ऐसा मोहब्बत भी सोचेगी तुम दोनों साथ तो कभी नहीं दिखे,
फिर ये जस्बात, अल्फ़ाज़ जाना तुमने किस के लिए लिखे।।

मोहब्बत को हमारी तुम टाइम पास बोलते हो, तो कहानियों को क्यों  हमारे साथ जोड़ते हो,
जब जरूरत होती है तुम्हारी तब तो तुम ना बोलते हो,
जब बात करनी ही नहीं हमसे तो  ब्लॉक क्यों खोलते हो।
बातें तो बहुत करते थे दिल से निभाने की,
जब बात आयी दिल पे तो याद आ गई पुराने की।।
जो भी की हमसे बातें वो सब बेफालतू साबित हो गई,
तुमको तो याद आती थी हर पल बस याराने की।
बातें तो तुम हर पल हमसे ही किया करते थे,
मगर इश्क़ का घूंट तुम सिर्फ यादों से पिया करते थे।।
हमको बोल बोल के थक गए की भूल जाएंगे उनको,
मगर उन्ही यादों के साथ तो तुम अपनी ज़िन्दगी जिया करते थे।
उन यादों को मिटाने के लिए हम जरिया थे तुम्हारे,
भुलाने के चक्कर में तुम उन्हें ही याद किया करते थे।

भावनाओं में बह के तुम, दास्तां हमे सब सुना दिए,
यादों को याद करते करते हमको ही भुला दिए।।

खुशियां देना खुदा उसको जिसने थोड़ी सी मोहब्बत करके भी मुझे इतना सहा है।
यादें हमेशा साथ रहेंगी तुम्हारे ये खुदा ने मुझसे कहा है।
ये बातें उस शख्स के लिए जिसने मुझे चाह कर भी नहीं चाहा है।
साल बदल गया , मोहब्बत भी बदली होगी किसी ने ये मुझसे कहा है।

अपने ख्यालों में भी तुम सिर्फ अपनी यादों को ही याद करते हो,
नाराजगी भी तुम्हारी, गुस्सा भी तुम्हारा,और फिर लड़ाई की शुरआत करते हो।
मोहब्बत मोहब्बत करके यादों ने दिल कितनो से लगाए होंगे,
इतने तो आशिक़ है जनाब आपके, आप हमसे कहां बात करते हो।

मोहब्बत हमसे मगर दिल तो वहां है, रूह तो तो टूट चुकी बस जिस्म यहां है।
खुशियां देना खुदा उसको जिसने थोड़ी सी मोहब्बत करके भी मुझे इतना सहा है।

ये बातें उस शख्स के लिए जिसने मुझे चाह कर भी नहीं चाहा है।
साल बदल गया , मोहब्बत भी बदली होगी किसी ने ये मुझसे कहा है।



Comments

  1. जिस से भी मोहब्बत करते हो उसको बदनाम करके ही मानते हो ???

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