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Showing posts from April, 2020

तुमको चाहने की भूल।

मत होना तू अब मुझसे परेशान कभी भूल गया मैं सारे खुआवों को। तुम सही कहती थी ये सपने कभी पूरे नहीं होंगे मान लिया आज तेरी बातों को। हां गलतियां सब मेरी थी माफ़ करना। आज के बाद कभी नहीं लिखूंगा अपने दिल के हालातों को। पता नहीं मेरी खुशी तुमको देख कर क्यों मजबूर हो गई। तुमको चाहने की इस दिल से बहुत बड़ी भूल हो गई। अब तो ना तुमको याद करूंगा ना कभी तुम्हारे बारे में किसी से बोलूंगा। तुम्हारे सारे फोटो अभी डिलीट किए मैंने दिल भी तुमको डिलीट करने को बोल रहा है अब उसको भी नहीं रोकूंगा। दोस्तों को भी बता दिया shampion नाम का कोई नहीं है मेरी ज़िन्दगी में। खुश रहो अब तुम मेरे चले जाने से तुम्हारी ज़िन्दगी भी cool हो गई। तुमको चाहने की इस दिल से बहुत बड़ी भूल हो गई। बहुत कहता था ना मैं कि मैं तो तुमको भूल जाऊंगा लेकिन मेरी डायरी तुमको कैसे भूलेगी। टेंशन ना लो इस बार मैं नहीं सबसे पहले तुमको मेरी डायरी ही भूलेगी। तुम तो वैसे भी याद नहीं रखना चाहती तो दुआओं में क्या याद करोगी। अगर मैं इस दुनिया से चला भी जाऊं तो तुम कौन सा अपनी आंखों में आंसु भरोगी। पता नहीं मेरी ज़िन्दगी कैसे इतनी fool हो गई। तुमको...

तुम तो कुछ बताओ

तुम बात भी नहीं करती मुझसे अपनी कोई तो बात बताओ। मैं अपने दिल की बातें लिखता रहता हुं कभी तो तुम अपने दिल का हाल सुनाओ। अकेले बैठे बैठे तुम्हारे ख्याल आते रहते हैं। कभी यहां दिखती हो तो कभी वहां दिखती हो। तुमसे बातें मन में ही करता रहता हुं। बस वो ही सवाल मुझे हसांते रहते हैं। कभी साथ चलता हूं तुम्हारे तो कभी कहता हुं तुमको मेरे कंधे से हाथ हटाओ। क्या बताऊं यार क्या होता है मेरे साथ पर तुम तो कुछ बताओ। क्या तुमको मेरी कहानियां अच्छी नहीं लगती । बता दो तुम्हारे लिए ये कहानियां लिखना भी छोड़ दूंगा। मुझे पता है तुमको चाहना उतना आसान है पाना उतना आसान नहीं। नहीं लगता अच्छा तो तुमको चाहना भी छोड़ दूंगा। इश्क में रहकर अगर इश्क को इश्क ना किया तो फिर इश्क क्यों किया। तुमको चाहकर अगर तुमको  पा भी लिया तो तुमको पाकर कौन सा खिताब जीत लिया। तुमको चाहकर, तुमको पाना और ना पाकर, तुमको चाहना। दोनों में बहुत अंतर है। मैंने तुमसे ये तो नहीं कहा की मुझे चाहिए हो तुम। बस डर लगता है किसी और की ना हो जाओ तुम।  प्यार करना जरूरी है बताना जरूरी नहीं। अगर तुमको पा ही लिया तो फिर...

आखिरी मुलाकात

आज भी दिल वहीं रुका है जहां उसको मैंने आखिरी बार देखा था। मुझे नहीं पता वो कैसी दिखती है और ना ही मुझे उसका चेहरा याद है। मुझे तो उसकी वो स्माइल याद है जो मैंने आखिरी बार देखीं थी। उसकी वो गुलाबी आंखें और उनमें काजल लगाए हुए क्या गजब दिखती थी। मै नजरें जहां भी उठाता था हर तरफ मुझे वो ही दिखती थी। ना जाने उस दिन क्या सोच के उसने मुझसे हाथ मिलाया था। मैंने पहली बार जब उसका हाथ पकड़ा था तो मेरा दिल पता नहीं क्यों जोर से चिलाया था। उन मुलायम से हाथों को same to you के अलावा कुछ कहने का मौका ही नहीं मिला था। मैने तो सिर्फ उसकी आंखें पलक झपकती देखीं थी। मुझे तो उसकी वो स्माइल याद है जो मैंने आखिरी बार देखीं थी। कंधे के नीचे तक बाल उसके जब हवा से भिखरते थे तो बार बार उसका हाथ उनको संभालता रहता था। वो सूट पहनेगी या साडी मेरे दिल में ये देखने के लिए हमेशा भूचाल मचलता रहता था। कानों में झुमके तो वो कभी कभी पहनती थी। लेकिन उसके हाथों की काले रंग की माला और एक कंगन ही मेरे दिल को हिलाए रखता था। कभी उसकी दोनो हाथों की बीच वाली उंगली में अंगूठी होती थी तो कभी एक हाथ की उंगली में। लेकिन मैंने बो उंगल...

आज मोहब्बत की लव स्टोरी सुनाता हुं।

चलो आज तुमको मैं अपनी मोहब्बत की कहानी सुनाता हुं। सुनो भाई। वो दिन था 19 नवंबर 2019 का । बैठे थे यारों के साथ। हसने की आवाज अाई। चारो ओर देखा हमने नहीं दिखा कोई । दो सेकंड बाद एक cute सी लड़की सामने अाई। सच बताऊं तो उस दिन मुझे चैन की नींद आयी। आंखें चश्मे से छिपाकर। चुनरी गले में लिपटाकर। वो गई मेरा दिल हिलाकर। समय बीतता गया और हम रोज उसको देखने लगे। दिल पे जोर नहीं था हमारा हम फिर भी उसको रोकने लगे। क्या करते उसकी हर चीज पागल किए जा रही थी। और हम दिल देने के लिए पागल और वो दिल को और धड़काए जा रही थी। टाइम ही कुछ ऐसा आया सब अलग हो गया। उनको देखने की आदत का हिस्सा भी खत्म हो गया। दो महीने बाद:  शुरुआत हुई नए साल की हमने उनको याद भी नहीं किया उनको। दिन गुजरते गए शाम ढलती गई। और एक दिन फिर आदत पड़ गई उनकी हमको। हम पागल थे उसकी स्माइल के पीछे। और वो दोस्तों को कहती थी आओ सेल्फी खींचे। देखते देखते उनका नाम हमने रख दिया। SHAMPION  S selfie H honii A aa M MERI  P pehlan I ik O ode  N nall भाई क्या करते नाम भी तो मालूम नहीं था उनका। एक दिन हमारा दिल किया अब उनको जानने का। ...

खुद की कहानी तेरे दिल को सुनानी।

तुम्हारे बारे में  लिखना कुछ खास नहीं है पर तुम हर दिन मेरे लिए खास हो। मैं तुमसे ना कुछ छिपाना चाहता हुं ना ही कुछ जताना चाहता हुं। तुम्हारे लिए लिखता हुं क्योंकि दिल की बातें तुमको बताना चाहता हुं। तुम दूर हो लेकिन मैं ये ही महसूस करता हुं कि तुम मेरे पास हो। जब भी तुम्हारे बारे में किसी को बताता हुं तो चेहरा मेरा भी खिल जाता है। तुमसे इश्क है या नहीं, ये मुझे नहीं पता ,पर तुमको मुस्कुराता हुआ देख कर सुकून सा मिल जाता है। अब तो इतनी बातें करता हुं तुम्हारी फोटो से सिर्फ तुम्हारी स्माइल जान ने के लिए। तुम तो कुछ पूछती नहीं मुझसे लेकिन मैं तडफता रहता हुं खुद के बारे में बताने के लिए। पता नहीं जब भी तुम बात करती हो तो दिल तुम्हारी तरफ क्यों खींचा चला जाता है। तुमसे इश्क है या नहीं, ये मुझे नहीं पता ,पर तुमको मुस्कुराता हुआ देख कर सुकून सा मिल जाता है। सच बताऊं तुमको तो रात को मैं सोया भी नहीं क्योंकि तुम्हारी अनलिमिटेड खुशी हो गई थी। हर एक पल तुम मेरे ख्यालों में आ रही थी और उन्हीं ख्यालों में तुमसे थोड़ी सी मोहब्बत हो गई थी। जब ज्यादा सोचता हुं तुम्हारे बारे में तो तुम्हारी तरफ से ...

तुम्हारी आंखों से कुछ कहना है।

तुम्हारी आंखों से मैं कुछ कहना चाहता हुं। जो मैं अपनी आंखों को दिखाता रहता हुं तुम्हारे बारे में। आज वो तुम्हारी आंखों को दिखना चाहता हुं। हां मुझे मालूम है मैंने आज तक तुमसे मुलाकात नहीं की। की भी होगी लेकिन कभी तुम्हारी आंखों से बात नहीं की। जो ये जुबान नहीं कह पाती दिल की बातों को। वो आंखें सब कुछ बता देती है दिल के हालातों को। मुझे पता है मैं तुम्हारी स्माइल का दीवाना हुं। लेकिन आज किसी और चीज में डूबे रहना चाहता हुं। आज तुम्हारी आंखों से कुछ कहना चाहता हुं। सच बताऊं तो मैं अभी तक तुम्हारे दिल को नहीं जान पाया। और ऐसा लगता है कि तुम कभी नहीं बताना चाहोगी। कोई बात नहीं मुझे तो खुशी मिल जाती है तुमको खुश देख कर। मैं तब भी खुश हो जाऊंगा जब तुम मुझे रुलाना चाहोगी। तुमको याद रहा मैं तो एक मुलाकात जरूर करना। दिल में कोई बात नहीं भी होगी तो आंखों से बात जरूर करना। बहुत अच्छा लगेगा अब मैं उन गुलाबी आंखों को जो देख कर जीना चाहता हुं। आज तुम्हारी आंखों से कुछ कहना चाहता हुं। दिल में बस ये ही खुवाईश है। थोड़ा सा भी है कुछ दि ल में तो उसे लेकर एक बार पास तो आना। अगर आंखों...

shampion बात कर लो।

बार बार मोबाइल चैक करता हुं कभी कभी लगता है कि तुम्हारा कोई न कोई मैसेज या कॉल आया होगा। सोचता हुं जैसे तुमको मैं याद करता हुं शायद तुमको भी मेरा कोई ख्याल आया होगा। ना जाने कितनी गलतियां की हैं मैंने फिर भी तुमने मुझसे बात की लेकिन इस बार इतना नाराज  क्यों। इतनी बार ब्लॉक करके अनब्लॉक किया है तुमने मुझे लेकिन इस बार इतना इतंजार क्यों। माना कि तुम अपनी मोहब्बत का  इजहार नहीं करती। सच सच बताना क्या तुम मुझसे इतना सा भी प्यार नहीं करती। तुम जितना भी झूठ बोल लो मुझसे एक दिन तुम्हारे दिल की सारी बातें जान लूंगा। अगर थोड़ा सा भी कुछ निकला दिल में तो मैं तुमको अपनी मोहब्बत  मान लूंगा। तुम यूं दिल को सताना छोड़ दो अब कोई भी गम गम नहीं लगता। Shampion बात कर लो यार मुझसे तुमसे बात किए बिना अब मन नहीं लगता। हर पल ये ही सोचता हुं तुम नाराज हो मुझसे तुमको कैसे मनाऊं। कुछ लोग तुमको भूल जाने को कहते हैं तुम ही बताओ मैं अपने खुआब किसके साथ सजाऊं। तुम तो कभी मुझे याद भी नहीं करती लेकिन तुम्हारी यादें मैं किसको बताऊं। तुम बात तो कर लो यार तुमको एक छोटा सा खुआब देना है। जितने...

तुम्हारी स्माइल बहुत याद आती है।

मुझे मालूम नहीं ऐसी क्या बात है तुझमें जो मुझे इतना तड़फाती है। इतनी कोशिश कर ली तुमको भुलाने की लेकिन तुम्हारी स्माइल बहुत याद आती है। तुम नहीं थी जब मेरी लाइफ में तो मैं उदास सा रहता था। ना जाने तेरी स्माइल को देख के क्यों हंसता रहता था। तेरी स्माइल को देख कर तो हर कोई पागल हो जाए। ये ही सोचा था जल्दी से मेरा दिल भी तेरी मोहब्बत में पड़ जाए। अच्छा रहता अगर मैं तुमको देख कर ही खुश होता। तुमसे बात कर लेता लेकिन शायद उतना दुख ना होता। तुम तो अब बात भी नहीं करती तो थोड़ा सा दर्द होता है। फिर भी ना जाने हर बार ये दिल तुम्हारी ही तरफ क्यों होता है। सोचा था मेरे दिल के अंदर तुम्हारे लिए क्या है ये कभी तुमको बताऊंगा नहीं । लेकिन तुमको देखने की तलब मेरी आदत को रोक नहीं पाती है। भूल तो जाऊंगा तुमको लेकिन तुम्हारी स्माइल बहुत याद आती है। तुम्हारी स्माइल को भी खुद पर कितना नाज होगा। मै तो भूल जाऊंगा लेकिन दिल बहुत उदास होगा। अब तो बस खुद को खुश रखने के लिए कभी कभी तुम्हारी तस्वीर देख लेता हुं। तुम्हारी बहुत याद आती है यार इसलिए डायरी के कुछ पनो पे तुम्हारा नाम लिख लेता हुं। तुम में कुछ बात है जो...

ज़िन्दगी की खुशी।

ज़िन्दगी बहुत खुश रहती है लेकिन सिर्फ तुम्हारे साथ। कल से बहुत खुश हूं बस ये ही बात तुमको बताना चाहता हुं। तुमको बुरा लगेगा इस बात का लेकिन मैं तुमसे दूर नहीं जाना चाहता हुं। अब तो सारे नशे छोड़ दिए है मैंने अगर विशवास नहीं होता तो तुमको मेडिकल भी दिखा दूंगा। तुझे तो चटपटे खाने पसंद हैं लेकिन मैं तुम्हे सब खिला दूंगा। बाकी तो मुझे कुछ बनाने नहीं आता लेकिन तुम्हारे लिए छोले भटूरे जरूर बना दुंगा। तुम तो कुछ अपने बारे में बताओगी नहीं, चलो मैं ही तुमको अपना बायोडाटा बता दूंगा। ज़िन्दगी तो सबको बनानी है लेकिन मुझे तो बनानी है किसी के साथ। मुझे पता है ये कभी होगा नहीं फिर भी रख लुंगा अपने सपनो पे हाथ। हां मेरी ज़िन्दगी तो खुश रहती है लेकिन सिर्फ तुम्हारे साथ। मुझे पता है तुम ये मोहब्बत पे बिलकुल विशवास नहीं करती। किसने बोला कि ये मोहब्बत लाइफ बर्बाद नहीं करती। मै मानता हुं मैं किसी के पीछे पागल हो गया हुं लेकिन किसी से इतनी मोहब्बत नहीं होनी चाहिए। पता है मुझे तुम भुलाने को क्यों बोलती हो क्योंकि मेरी लाइफ बर्बाद नहीं होनी चाहिए। गलती की है मैंने उसको दिल की बात बताकर लेकिन उसको भुला नहीं सक...

स्माइल बरक़रार रखना।

जा रहा हुं तुमको छोड़ कर बस अपनी ये स्माइल बरकरार रखना। मिल जाऊं कभी अकेला रास्ते में तो अपनी आंखें  संभालकर रखना। रुकूंगा नहीं में तुमको देख कर ना कभी बात करूंगा बस इतना याद रखना। वैसे भी क्या करोगी तुम मेरी ज़िन्दगी में आकर बस अपना ख्याल रखना। कुछ गुस्से के और कुछ खुशी के पल जी रहा था तुम्हारे साथ। वो पल तो याद आएंगे जिन पलों में मिलाया था तुमने मुझसे  हाथ। कोशिश कर तो रहा हुं उनको भुलाने की लेकिन किस्मत नहीं दे रही मेरा साथ। तुम ही बता दो कैसे भूलूं वो दिन जिस दिन पहली बार की थी तुमसे बात। लेकिन धीरे धीरे उन बातों को भुला दूंगा तुम बस इतना याद रखना। अच्छा हुआ तुम नहीं अाई मेरी ज़िन्दगी में बस तुम अपना ख्याल रखना। भूल रहा हुं तुमको अब तो तुम कभी मुझसे बात नहीं करोगी। सामने भी आ गई धोखे से तो भी मुलाकात नहीं करोगी । एक बात है जरूरी बस तुम अपनी स्माइल बरकरार रखना। मैं तो तुमको देखूंगा नहीं फिर भी दिख गए धोखे से तो अपनी आंखें संभालकर रखना। हां मेरे दोस्त हैं पागल कभी तेरे नाम भी पुकारे तो उनकी बातों को हमेशा इग्नोर रखना। मैं तो भूल जाऊंगा तुमको बस तुम अपना अच्छे से ख्याल रखना।

सफर ज़िन्दगी का

वो सफर भी क्या सफर था यूं मोहब्बत के कुछ खतों का रुक जाना। पहले पास रहकर भी दूर थे अब दूर रहकर भी पास ना आना। साथ मिलकर कुछ खुआंब देखते थे अब उन्हीं सपनों में फिर डूब जाना। वो सफर भी क्या सफर था यूं मोहब्बत के कुछ खतों का रुक जाना। हर पल उनकी आदत को खुद की आदत बनाना । वो करते थे तारीफ किसी और की हम खुद की तारीफ समझ जाना। बहुत कोशिश करते थे हमसे ना मिलने की आज मिलकर भी कुछ नहीं कर पाना। वो सफर भी क्या सफर था यूं मोहब्बत के कुछ खतों का रुक जाना। हम वक्त की हकीकत थे और वो बक्त का फ़साना। वो मुसाफिर थे उस मंजिल के और हम चाहते थे उनकी गाड़ी चलाना। हम थक जाते थे उनको याद करते करते और बो हर बार बनाते थे भूलने का बहाना। तारीफ करता हूं कुछ कागजों पर उनकी लेकिन बाद में उन कागजों को जलाना। कभी आईने में चेहरा बदल सकूं तो तुम वापिस मेरी ज़िन्दगी में आना। मुझे फिर से तुम समझना और मुझे फिर से मुझे आजमाना। वो सफर भी क्या सफर था यूं मोहब्बत के कुछ खतों का रुक जाना। हम आज भी याद करते हैं उनको बस उनको याद नहीं रहता थोड़ा सा मुस्कुराना। जिंदगी रही हमारी तो मिलेंगे उस सफर में तुम फिर से मुझे तड़फना। याद रख...