खुद की कहानी तेरे दिल को सुनानी।
तुम्हारे बारे में लिखना कुछ खास नहीं है पर तुम हर दिन मेरे लिए खास हो।
मैं तुमसे ना कुछ छिपाना चाहता हुं ना ही कुछ जताना चाहता हुं।
तुम्हारे लिए लिखता हुं क्योंकि दिल की बातें तुमको बताना चाहता हुं।
तुम दूर हो लेकिन मैं ये ही महसूस करता हुं कि तुम मेरे पास हो।
जब भी तुम्हारे बारे में किसी को बताता हुं तो चेहरा मेरा भी खिल जाता है।
तुमसे इश्क है या नहीं, ये मुझे नहीं पता ,पर तुमको मुस्कुराता हुआ देख कर सुकून सा मिल जाता है।
अब तो इतनी बातें करता हुं तुम्हारी फोटो से सिर्फ तुम्हारी स्माइल जान ने के लिए।
तुम तो कुछ पूछती नहीं मुझसे लेकिन मैं तडफता रहता हुं खुद के बारे में बताने के लिए।
पता नहीं जब भी तुम बात करती हो तो दिल तुम्हारी तरफ क्यों खींचा चला जाता है।
तुमसे इश्क है या नहीं, ये मुझे नहीं पता ,पर तुमको मुस्कुराता हुआ देख कर सुकून सा मिल जाता है।
सच बताऊं तुमको तो रात को मैं सोया भी नहीं क्योंकि तुम्हारी अनलिमिटेड खुशी हो गई थी।
हर एक पल तुम मेरे ख्यालों में आ रही थी और उन्हीं ख्यालों में तुमसे थोड़ी सी मोहब्बत हो गई थी।
जब ज्यादा सोचता हुं तुम्हारे बारे में तो तुम्हारी तरफ से एक जवाब सा मिल जाता है।
तुमसे इश्क है या नहीं, ये मुझे नहीं पता ,पर तुमको मुस्कुराता हुआ देख कर सुकून सा मिल जाता है।
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