तुम्हारी आंखों से कुछ कहना है।

तुम्हारी आंखों से मैं कुछ कहना चाहता हुं।
जो मैं अपनी आंखों को दिखाता रहता हुं तुम्हारे बारे में।
आज वो तुम्हारी आंखों को दिखना चाहता हुं।
हां मुझे मालूम है मैंने आज तक तुमसे मुलाकात नहीं की।
की भी होगी लेकिन कभी तुम्हारी आंखों से बात नहीं की।
जो ये जुबान नहीं कह पाती दिल की बातों को।
वो आंखें सब कुछ बता देती है दिल के हालातों को।
मुझे पता है मैं तुम्हारी स्माइल का दीवाना हुं।
लेकिन आज किसी और चीज में डूबे रहना चाहता हुं।
आज तुम्हारी आंखों से कुछ कहना चाहता हुं।
सच बताऊं तो मैं अभी तक तुम्हारे दिल को नहीं जान पाया।
और ऐसा लगता है कि तुम कभी नहीं बताना चाहोगी।
कोई बात नहीं मुझे तो खुशी मिल जाती है तुमको खुश देख कर।
मैं तब भी खुश हो जाऊंगा जब तुम मुझे रुलाना चाहोगी।
तुमको याद रहा मैं तो एक मुलाकात जरूर करना।
दिल में कोई बात नहीं भी होगी तो आंखों से बात जरूर करना।
बहुत अच्छा लगेगा अब मैं उन गुलाबी आंखों को जो देख कर जीना चाहता हुं।
आज तुम्हारी आंखों से कुछ कहना चाहता हुं।
दिल में बस ये ही खुवाईश है।

थोड़ा सा भी है कुछ दि में तो उसे लेकर एक बार पास तो आना।
अगर आंखों में कुछ और दिखा तो कभी मुझसे दिल मत लगाना।
हां अगर नियत अच्छी नहीं हुई तो हाथ काट देना मेरे।
लेकिन एक बार पास आकर आंखों से आंखें जरूर मिलाना।

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