तुम्हारी स्माइल बहुत याद आती है।

मुझे मालूम नहीं ऐसी क्या बात है तुझमें जो मुझे इतना तड़फाती है।
इतनी कोशिश कर ली तुमको भुलाने की लेकिन तुम्हारी स्माइल बहुत याद आती है।
तुम नहीं थी जब मेरी लाइफ में तो मैं उदास सा रहता था।
ना जाने तेरी स्माइल को देख के क्यों हंसता रहता था।
तेरी स्माइल को देख कर तो हर कोई पागल हो जाए।
ये ही सोचा था जल्दी से मेरा दिल भी तेरी मोहब्बत में पड़ जाए।
अच्छा रहता अगर मैं तुमको देख कर ही खुश होता।
तुमसे बात कर लेता लेकिन शायद उतना दुख ना होता।
तुम तो अब बात भी नहीं करती तो थोड़ा सा दर्द होता है।
फिर भी ना जाने हर बार ये दिल तुम्हारी ही तरफ क्यों होता है।
सोचा था मेरे दिल के अंदर तुम्हारे लिए क्या है ये कभी तुमको बताऊंगा नहीं ।
लेकिन तुमको देखने की तलब मेरी आदत को रोक नहीं पाती है।
भूल तो जाऊंगा तुमको लेकिन तुम्हारी स्माइल बहुत याद आती है।

तुम्हारी स्माइल को भी खुद पर कितना नाज होगा।
मै तो भूल जाऊंगा लेकिन दिल बहुत उदास होगा।
अब तो बस खुद को खुश रखने के लिए कभी कभी तुम्हारी तस्वीर देख लेता हुं।
तुम्हारी बहुत याद आती है यार इसलिए डायरी के कुछ पनो पे तुम्हारा नाम लिख लेता हुं।
तुम में कुछ बात है जो मुझे कुछ समझाती है।
मैं तो भूल जाऊंगा लेकिन तुम्हारी स्माइल बहुत याद आती है।

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