तुम तो कुछ बताओ

तुम बात भी नहीं करती मुझसे अपनी कोई तो बात बताओ।
मैं अपने दिल की बातें लिखता रहता हुं कभी तो तुम अपने दिल का हाल सुनाओ।
अकेले बैठे बैठे तुम्हारे ख्याल आते रहते हैं।
कभी यहां दिखती हो तो कभी वहां दिखती हो।
तुमसे बातें मन में ही करता रहता हुं।
बस वो ही सवाल मुझे हसांते रहते हैं।
कभी साथ चलता हूं तुम्हारे तो कभी कहता हुं तुमको मेरे कंधे से हाथ हटाओ।
क्या बताऊं यार क्या होता है मेरे साथ पर तुम तो कुछ बताओ।

क्या तुमको मेरी कहानियां अच्छी नहीं लगती ।
बता दो तुम्हारे लिए ये कहानियां लिखना भी छोड़ दूंगा।
मुझे पता है तुमको चाहना उतना आसान है पाना उतना आसान नहीं।
नहीं लगता अच्छा तो तुमको चाहना भी छोड़ दूंगा।

इश्क में रहकर अगर इश्क को इश्क ना किया तो फिर इश्क क्यों किया।
तुमको चाहकर अगर तुमको  पा भी लिया तो तुमको पाकर कौन सा खिताब जीत लिया।

तुमको चाहकर, तुमको पाना और ना पाकर, तुमको चाहना। दोनों में बहुत अंतर है।

मैंने तुमसे ये तो नहीं कहा की मुझे चाहिए हो तुम।
बस डर लगता है किसी और की ना हो जाओ तुम। 
प्यार करना जरूरी है बताना जरूरी नहीं।
अगर तुमको पा ही लिया तो फिर खुआवों में कैसे आओगी तुम।
कितना अजीब है मैं बिना बोले हर रोज तुमसे दिल की बातें शेयर करता हूं।
तुमको शायद हद से ज्यादा चाहता हूं तभी तो तुम्हारे ख्यालों में खोया रहता हुं।
ना जाने खुद को समझाकर भी नहीं रोक पाता हूं।
तुमको पाया भी नहीं फिर भी मैं तुमको खोने से डरता हूं।
ना बात चाहने की है ना पाने की है बात तो बस इन ख्यालों में डूब जाने की है।
मेरे से अच्छे हजारों आएंंगे तुमसे मोहब्बतत करने के लिए।
बात तो बस दिल की गहराइयों में खो जाने की है।
ना मुझे तुम चाहिए ना तुमसे कभी कुछ और मांगूंगा।
बस तुम मुझसे बात करती रहा करो मैं ऐसे ही तुमको हमेशा चाहूंगा।
बस तुम मुझे ब्लॉक से तो हटाओ ।
क्या बताऊं यार क्या होता है मेरे साथ पर तुम तो कुछ बताओ।

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