पागल सी लड़की.....
उसने कहा था मुझसे सिगरेट छोड़ने को। एक कश वो लगा लेती तो मैं सिगरेट भी छोड़ देता। शायद उसके दिल में भी मेरे लिए कुछ था। तभी तो उसने कश लगाकर बोल दिया सिगरेट तोड़ने को। मै अपने हाथों की बात उसकी उंगलियों से करवाना चाहता था। उसने तो मेरी ही उंगलियों अपने हाथों में रख ली थी। मै तो सोचता था कि मैं ही उसके पीछे पागल था। लेकिन वो तो मेरे दिल की बातें भी पढ़ने लगी थी। उसके परिवार वाले जान गए थे हमारे बारे में उन्होंने तो मोहले से नाता ही तोड़ दिया। पता नहीं क्या सोच लिया मेरे वारे में बिना बताए घर ही छोड़ दिया। मुझे तो उस दिन की याद आ गई। कहती थी मुझसे दारू छोड़ने को। एक पैग मेरे साथ वो लगा लेती तो मैं दारू भी छोड़ देता। लेकिन उस दिन जाते जाते बो मेरी दारू भी बंद करवा गई। खुदा से मुलाकात नहीं हुई मेरी लेकिन बात जरूर करता हूं । तु दूर चली गई मुझसे तो क्या हुआ मैं तो तुझसे ही प्यार करता हूं। मेरी दारू और सिगरेट तो तु अपने साथ ले गई। बस जहां भी रहती हो खुश रहना खुदा से भी यही दुआ करता हूं