यही कहती हो.

मेरी जगह किसी और ने ले ली फिर भी तुम उस से मेरी जितनी मोहबत करती हो। तुम्हारे साथ पूरी ज़िन्दगी जीना है,क्या उस से भी यही कहती हो। 
रिश्तो के कच्चे धागों से मिलकर अक्सर नफरत हो जाती है। असली महबूब को छोड़ कर अनजान लोगों से मिलकर फितरत बदल जाती है। क्या उस से भी तुम आँखों में आंखें डाल कर बात करती हो,मेरे लिए तुमसे बढ़कर कोई और नहीं है,क्या उस से भी तुम यही कहती हो।
ऐसा क्या था उसके पास जो मेरा दिल लौटा दिया। बस ये ही बता दो की ऐसा क्यों किया,क्या वजह थी जो मुझे अपने दिल से निकाल दिया। उसी से भी यही कहती थी जो मेरे से कहती थी। जान से बढ़कर हो तुम तुम्हारे लिए तो जान भी हाज़िर।तुम्हारे साथ सारे सपने पूरे करने है,क्या उस से भी यही कहती हो। 
याद है जब तूने मुझसे शादी करने का वादा किया था।  तुने मुझे सँभालने के लिए अपनी तस्वीर नहीं अपना दिल दिया था। बस यही पूछना चाहता हूँ क्या उसको भी तुमने दिल दे दिया जिस दिल में सिर्फ मेरे लिए जगह मिलती थी। 
तुमसे ज्यादा प्यार मुझे इस दुनिया में कोई नहीं करता, क्या उस से भी यही कहती हो।      



  
           

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